-दिवाली पर पटाखों की वजह से पांच गुना बढ़ा पाल्यूशन लेवल

-पटाखों के धुएं से मिलकर अधिक जहरीला हो गया स्मॉग

-कुछ दिन स्थिति बनी रहने के आसार, सांस लेना हुआ मुश्किल

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ALLAHABAD: जिस बात का डर था वही हुआ. दिवाली पर फोड़े गए पटाखों की वजह से पॉल्यूशन लेवल पांच गुना तक बढ़ गया. धूल और धुएं के चलते पहले से ही स्मॉग छाया हुआ था. इसमें पटाखों से निकला धुआं कोढ़ में खाज बन गया. हार्ट, दमा जैसे मरीजों को तो परेशानी हुई ही, आम लोगों का भी सांस लेना दुश्वार हो गया. पॉल्यूशन से बचने के लिए तमाम लोग मास्क लगाकर घरों से निकले. एक्सप‌र्ट्स की मानें तो आने वाले दिनो में लोगों को गहरी धुंध का सामना करना पड़ेगा. स्थितियां धीरे धीरे सामान्य हो सकेंगी.

डेंजर जोन बना मुंडेरा और राजापुर

दिवाली की रात शहर में हुई अंधाधुंध आतिशबाजी का असर गुरुवार को साफ दिखाई दिया. सुबह से ही गहरी धुंध छाई रही. द-क्लाइमेट एजेंडा संस्था द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक शहर में सर्वाधिक प्रदूषित मुंडेरा एरिया में रहा. यहां पर पीएम 2.5 की मात्रा 286 यूनिट और पीएम 10 का लेवल 590 यूनिट रहा. जबकि राजापुर में यह लेवल क्रमश: 274 और 574 रिकार्ड किए गए. अगले दिन शुक्रवार को मुंडेरा में पॉल्यूशन का यह स्तर 260 व 535 और राजापुर में क्रमश: 232 व 480 रेकार्ड किया गया. रिपोर्ट के मुताबिक निर्धारित मानक से दो दिन तक पाल्यूशन लेवल 4 से 5 गुना तक अधिक रहा.

मजबूरी हो गया मास्क

पाल्यूशन लेवल का हाल यह है कि बिना मास्क लगाए घर से निकलना मुश्किल हो गया है. मार्केट में पिछले तीन दिन में हजारों की संख्या में मास्क बिके हैं. लोगों का कहना है कि अधिक धुंध होने की वजह से डर लग रहा है. पहले से शहर में हो रहे निर्माण कार्य के चलते धूल से लोग परेशान हैं और अब रही सही कसर पटाखों ने पूरी कर दी है. बता दें कि द क्लाइमेट एजेंड संस्था द्वारा शहर के पॉल्यूशन लेवल को मापने के शहर में दो मशीनें लगाई हैं. इनकी दिवाली पर रिपोर्ट वाकई चौंकाने वाली रही.

फैक्ट फाइल

पॉल्यूशन के हालात पर एक नजर एरिया दिन स्थिति

मुंडेरा गुरुवार पीएम 2.5-286

मुंडेरा गुरुवार पीएम 10- 590

राजापुर गुरुवार पीएम 2.5-274

राजापुर गुरुवार पीएम 10- 574

एरिया दिन स्थिति

मुंडेरा शुक्रवार पीएम 2.5-260

मुंडेरा शुक्रवार पीएम 10- 535

राजापुर शुक्रवार पीएम 2.5- 232

राजापुर शुक्रवार पीएम 10- 480

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दो दिनों में शहर में धूल और धुएं के कण की मात्रा हवा में 4 से 5 गुना बढ़ी

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स्थिति खतरनाक है. खुली हवा में बिना मास्क लगाए न चलें. अभी यह धुंध हटने में कुछ दिन लगेंगे. धूल में पटाखों के धुंए ने मिलकर स्थिति को नाजुक बना दिया है.

डॉ. आशुतोष गुप्ता- चेस्ट फिजीशयन

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और जिला प्रशासन को इस प्रदूषण की बन रही आपात स्थिति से निपटने की व्यवस्था करनी चाहिए. दिवाली पर यह साफ हो गया कि एयर पॉल्यूशन से बचाव की कोई ठोस योजना प्रशासन के पास मौजूद नही है.

ओम प्रकाश, अभियान कर्ता, द क्लाइमेट एजेंडा