पैसा खर्च करने और परेशानी झेलने के बाद भी नहीं मिली राहत

देहरादून.

शहर के पेयजल किल्लत वाले इलाकों में जो हाल आठ साल पहले थे, वही आज भी हैं. ऐसा नहीं है कि पर्याप्त पेयजल के लिए कार्य नहीं किए गए, बल्कि इस पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए. इसके बावजूद नई और पुरानी लाइनों के हालात एक जैसे है. कहीं से कनेक्शन लीक कर रहे हैं तो कहीं पूरी की पूरी लाइन ही लीक कर रही हैं. ऐसे में लोगों को ही परेशानी झेलनी पड़ रही है.

ये आ रही है समस्या

शहर के कई इलाकों में पानी की किल्लत है. इस समस्या से निजात दिलाने के लिए एडीबी की ओर से पानी की लाइन डाली गई और नलकूप भी बनाए गए. कुछ जगह तो खुदाई के दौरान ही पाइप लाइन टूट गई तो अधिकतर जगहों पर पानी के कनेक्शन लाइन से सही तरीके से न जोड़ने की वजह से लीक करने लगे. ऐसे में लोगों को बेहद कम पानी मिल रहा है.

पुरानी लाइनों से भी लीकेज

शहर में बिछा पाइप लाइन का जाल करीब 40 साल पुराना है. ये लाइनें काफी हद तक क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं जो कि जगह-जगह से लीक कर रही हैं. ऐसे में पानी की काफी बर्बादी हो रही है. इन लाइनों की जगह जहां नई लाइनों को जोड़ा गया है. वहां भी हालात सही नहीं है. नई लाइनों लायक पानी ही नहीं मिल पा रहा है, ऐसे में प्रेशर न बनने के कारण लोगों को पानी नहीं मिल पा रहा है.

मॉडल कॉलोनी में पहले तो फिर भी हालात सही थे लेकिन जबसे एडीबी ने यहां लाइन बिछाई है. तबसे तो पानी ही आना बंद हो गया है.

- दिनेश भंडारी, मॉडल कॉलोनी

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नई लाइनें लीक कर रही हैं. जल संस्थान से कई बार शिकायत कर चुके हैं. इसके बावजूद इसकी मरम्मत नहीं की जाती. परेशानी लोग झेल रहे हैं.

- जितेंद्र डडोना, सर्कुलर रोड

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एडीबी लाइन बिछाकर चलता बना तो जल संस्थान कनेक्शन कर लेकिन किसी ने भी काम सही तरीके से नहीं किया और बाद में कोई सुनवाई भी नहीं हो रही.

रुखसाना, जीएमएस रोड

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हर जगह बुरा हाल है. नई लाइनों के कनेक्शन लीक कर रहे हैं. पुरानी लाइने फटी हुई है. कुल मिलाकर सारा पानी लीकेज में बर्बाद हो जा रहा है.

ऋचा कोठियाल, मित्रलोक कॉलोनी.

जहां से भी शिकायत मिलती है, मामले का निस्तारण कर दिया जाता है. एडीबी की ओर से जहां काम सही तरीके से नहीं किया गया है, उनको बताया जा रहा है.

- एसके शर्मा

मुख्य महाप्रबंधक, जल संस्थान