- शासन ने जारी किया मेडिकल कॉलेजों, केजीएमयू,पीजीआई में परमानेंट और कांट्रैक्ट कर्मियों का वेतनमान

- बढ़ाने की जगह कम कर दिया गया संविदा कर्मियों का वेतन

LUCKNOW:प्रदेश सरकार ने राजकीय मेडिकल कॉलेजों में स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट और अन्य कर्मचारियों का वेतन बढ़ाने की जगह कम करने का आदेश जारी किया है। जबकि संजय गांधी पीजीआई, लोहिया इंस्टीट्यूट, केजीएमयू व अन्य मेडिकल कॉलेजों में ठेका कर्मचारियों या आउटसोर्स कर्मियों का वेतनमान और एनएचएम की ओर से दिया जाने वाला वेतनमान काफी अधिक है। सरकार ने सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कर्मचारियों का वेतन निर्धारित करते समय इसका ध्यान नहीं रखा। वेतन कम होने से कर्मचारियों में काफी गुस्सा है।

कम हो गया वेतन

संयुक्त स्वास्थ्य आउटसोसिंग /संविदा कर्मचारी संघ के अध्यक्ष रितेश मल्ल और मीडिया प्रभारी सच्चितानंद मिश्रा ने बताया कि प्रदेश के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में अब तक उ.प्र। लघु उद्योग निगम की ओर से स्टाफ नर्स को 25569 रुपए दिए जाते थे। जिसमें कटौती के बाद 20390 रुपए एकाउंट में पहुंचते थे। ऐसे ही टेक्नीशियन को 15656 (कटौती के बाद 120000), चतुर्थ श्रेणी को 14656 (कटौती के बाद 11000) रुपए दिए जाते थे। जबकि इलाहाबाद मेडिकल कॉलेज में स्टाफ नर्स को कटौती के बाद 20 हजार, यूपीएचएसएसपी में टी एंड एम की ओर से स्टाफ नर्स को 18690 रुपए दिए जाते थे। लेकिन अब चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक की ओर से जारी आदेश के अनुसार स्टाफ नर्स को सिर्फ 16373, चतुर्थ श्रेणी को 9381, टेक्नीशियन को सिर्फ 16373 नियत किया गया है। कटौती के बाद हाथ में आने वाला वेतन और भी कम हो जाएगा।

डीजीएमई ने जारी किया

दरअसल 15 अप्रैल को डीजीएमई डॉ। केके गुप्ता ने आदेश जारी कर आउटसोर्स और संविदा पर तैनात होने वाले कर्मचारियों का वेतनमान निर्धारित कर दिया है। यह कर्मचारी सभी राजकीय मेडिकल कॉलेजों में तैनात हैं। इनकी संख्या लाखों में हैं। इस आदेश में वेतनमान बढ़ाए जाने की जगह कम कर दिया गया है। जबकि कर्मचारी पिछले कई माह से लगातार वेतन बढ़ाने के लिए प्रदर्शन कर रहे थे।

पहले से परमानेंट, आउटसोर्स में बड़ा अंतर

पद--परमानेंट कर्मचारी--पीजीआई--केजीएमयू--आरएमएल--एनएचएम की कुल धनराशि--नया वेतन

स्टाफ नर्स--61247---22079--13485--21556--21292--16373

टेक्नीशियन 39572--17347--11641--17716--16729--16373

फिजियोथेरेपेपिस्ट 46634--17347--11661--17716--16729--

कोट

नया वेतनमान पीजीआई, केजीएमयू और एनएचएम कर्मियों से बहुत कम है। इससे लाखों कर्मचारियों में रोष व्याप्त होगा। अगर सीएम और मंत्री ने कर्मचारियों की मांगों को गंभीरता से लिया होता तो ये आदेश कतई न होता। यह कर्मचारियों का उत्पीड़न है।

रितेश मल्ल, अध्यक्ष, कर्मचारी संघ