क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ : राजधानी में बिजली की परेशानी से हाहाकार मचा हुआ है. पिछले पांच दिनों से शहर में कोई ऐसा तबका नहीं है, जो बिजली की किल्लत से जूझ नहीं रहा हो. बिजली की आंखमिचौली ने सबको परेशान कर रखा है. शहर में अपर बजार, मैकी रोड, महावीर चौक, बूटी मोड और कांटाटोली समेत कई इलाकों में दिनभर बिजली के आने-जाने का सिलसिला जारी रहा. वहीं, दीपाटोली आर्मी कैंट में चार दिनों के ब्लैकआउट के बाद गुरुवार को दिन के 11 बजे बिजली आई.

लो वोल्टेज बन रही परेशानी

इन दिनों पावर कट के साथ-साथ लो वोल्टेज की समस्या भी लोगों के परेशानी का सबब बना हुआ है. शहर के कई इलाके हैं जहां लो वोल्टेज की वजह से बिजली के रहने का भी कोई औचित्य नहीं है. न तो पंखे चल रहे हैं और न ही मोटर. बल्ब की रोशनी भी अंधेरा होने का अहसास करा रही है. इतना ही नहीं, अचानक यहां हाई वोल्टेज भी आ जाता है. पावर फ्लक्चुएशन की वजह से कई घरों में मोटर-पंखे तक जल चुके हैं.

उद्योग-धंधे पर पड़ रहा असर

वोल्टेज फ्लक्चुएशन का सबसे ज्यादा खामियाजा उद्योगपतियों को भुगतना पड़ता है. वैसे तो पूरे साल वोल्टेज की समस्या रहती है, लेकिन गर्मियों में ये अधिक बढ़ जाती है. उद्योगों को जहां 440 वोल्ट की बिजली चाहिए वहां कभी उन्हें 320 वोल्ट या फिर 370 वोल्ट की बिजली ही मिल पाती है. इसका असर यह पड़ता है कि मशीने खराब होती है और उत्पादों में भी खामियां आती हैं. मोटर जलने जैसी समस्याएं भी आम बात है.

रक्षा मंत्री को सेना के अफसर ने किया ट्विट

रांची में पिछले कुछ दिनों से चल रहे पावर क्राइसिस से परेशान आर्मी ऑफि सर विकास मनहास ने ट्विट किया. इस ट्विटर के जरिए उन्होंने देश की रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण को टैग किया जिसमें बिजली समस्या को दूर करने का आग्रह किया गया है.

जेनरेटर के भरोसे रांची एयरपोर्ट

घंटों बिजली गुल रहने से रांची एयरपोर्ट के जेनरेटर में डीजल की खपत बढ गई है. कुछ दिनों से बिजली संकट के कारण यहां पावर जेनरेटर पर निर्भरता बढ़ गई है और एक दिन में तीन हजार लीटर डीजल तक खपत हो रही है. यही साल सरकार के दूसरे विभागों का भी है जहां बिजली नही रहने के कारण जेनरेटर के सहारे ही लोग काम कर रहे हैं. राज्य आवास बोर्ड में जेनरेटर छोटा है जिस कारण अधिकारी तक अपने चैंबर का दरवाजा और पर्दा खोलकर काम कर रहे हैं.