भ्रष्टाचार पर एमडी पॉवर ने जारी किया दो दर्जन से अधिक अधिकारियों के खिलाफ शोकॉज नोटिस

अधीक्षण और अधिशासी अभियंता को नोटिस जारी कर गड़बड़ी की वजह पूछी गई है

अधिशासी और अवर अभियंताओं को चेतावनी जारी, कार्य में सुधारने का दिया समय

Meerut. नो ट्रिपिंग जोन की कवायद में जुटे पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के लिए खुद के ही अधिकारियों की लापरवाही बाधा बन रही हैं. अधिकारियों की लापरवाही के चलते विभिन्न खंडों में अनियमितताओं और राजस्व में हानि की शिकायतें लगातार बढ़ती जा रही हैं. ऐसे मामलों में लगाम के लिए अब विद्युत विभाग ने खुद अपने ही अधिकारियों पर लगाम कसने का काम शुरू कर दिया है. इसके तहत गत एक माह में विभिन्न वितरण खंडों के दो दर्जन से अधिक अधिशासी और अवर अभियंताओं को शोकॉज यानी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया.

हो रहा एक्शन

एमडी के नेतृत्व में पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के विभिन्न खंडों में टीम बनाकर औचक निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की जा रही है. इसमें गलत बिलिंग, राजस्व हानि, गलत कनेक्शन आदि की रिपोर्ट शामिल हैं. इस रिपोर्ट के तहत जिन खंडों कमियां मिल हैं, उनसे संबंधित अधिशासी, अधीक्षण अभियंता और अवर अभियंता को शोकेस नोटिस जारी कर जवाब मांगा जा रहा है. इस के तहत सहारनपुर और देवबंद के सात अधीक्षण और अधिशासी अभियंता को गत सप्ताह नोटिस जारी कर गड़बड़ी की वजह पूछी गई है. यदि मामला स्पष्ट ना हुआ तो निलंबन तक की कार्यवाही की जा सकती है.

राजस्व हानि पर नपे अधिकारी

गत सप्ताह सहारनपुर और शामली के तीन अवर अभियंताओं को निगम की छवि धूमिल करने और लापरवाही परिलक्षित होने के कारण एमडी ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था. जिसमें सहारनपुर खंड के दो और शामली में तैनात एक अवर अभियंता शामिल था. इससे अलग मेरठ समेत मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और हापुड़ के अधिशासी और अवर अभियंताओं को चेतावनी जारी कर कार्य सुधारने का समय दिया गया है.

एमडी पॉवर द्वारा विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार और लापरवाही पर अंकुश लगाने के लिए विभागीय अधिकारियों जांच कराई जा रही है. ताकि शासन की किसी योजना में कोई गड़बड़ी ना हो और जनता को सीधा लाभ मिल सके.

बीएस यादव, चीफ इंजीनियर