RANCHI: बिजली विभाग व सीसीएल के बीच निर्दोष पब्लिक पिस रही है. राजधानी रांची समेत पूरे राज्य में बिजली आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई है. इसके बावजूद बिजली विभाग मौन बैठा हुआ है. जानकारी के अनुसार, झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड(जेबीवीएनएल) के पास तेनुघाट विद्युत निगम लिमिटेड(टीवीएनएल) का 3200 करोड़ रुपया बकाया है. वहीं, टीवीएनएल के पास सीसीएल का करीब 350 करोड़ रुपया बकाया है. इस कारण सीसीएल ने टीवीएनएल को कोयले की आपूर्ति कम कर दी है. ऐसे में टीवीएनएल की यूनिट से उत्पादन आए दिन बंद रहती है. इस कारण शहर में बिजली संकट बढ़ा है. हालांकि, सेंट्रल ग्रिड से लेकर इसकी भरपाई की कोशिश की जा रही है

डेली 7 हजार टन चाहिए कोयला

टीवीएनएल को हर दिन करीब 7000 टन कोयले की जरूरत है. लेकिन, बकाया नहीं मिलने के कारण सीसीएल से उसे पर्याप्त मात्रा में कोयला नहीं मिल पा रहा है. इसका असर बिजली उत्पादन पर पड़ रहा है.

कोयले की किल्लत क्यों

टीवीएनएल के साथ एग्रीमेंट के मुताबिक, सीसीएल हर माह टीवीएनएल को 1.67 लाख टन कोयला देगा. एक रैक में करीब चार हजार टन कोयला होता है. शेष कोयला डीओ के माध्यम से सड़क मार्ग से टीवीएनएल को ले जाना है. लेकिन, इसके लिए पैसे एडवांस देने पड़ते हैं, जबकि रेलवे रैक से उधार की सुविधा है. वहीं, 335 करोड़ रुपए बकाया हो जाने के कारण सीसीएल दबाव बना रहा है कि टीवीएनएल डीओ के माध्यम से भी कोयले का उठाव करे. लेकिन, टीवीएनएल ऐसा नहीं कर रहा है, जिसके कारण कोयले की किल्लत हो गई है.