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LUCKNOW: राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि बिजली चोरी रोकना एवं विद्युत बिल का बकाया एक बड़ी चुनौती है। बिजली चोरी करने वालों से सख्ती से निपटें। लाइन लॉस और बिजली चोरी विभाग के लिये कैंसर जैसा है, इसका कीमोथेरेपी जैसा इलाज करें। बिजली व्यवस्था में जूनियर इंजीनियर्स सबसे महत्वपूर्ण घटक हैं। वह रविवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में उप्र विद्युत परिषद जूनियर इंजिनियर संगठन द्वारा विद्युत व्यवस्था सुधार पर आयोजित संगोष्ठी 'पॉवर फॉर ऑल' को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने संगठन की स्मारिका और एक सुधार पत्रिका का विमोचन भी किया।

हर घर को बिजली बड़ा काम

नाईक ने कहा कि यूपी के हर घर में बिजली पहुंचाना एक बड़ा काम है। विद्युत नियामक आयोग भवन का शिलान्यास उनके द्वारा सितम्बर 2014 में हुआ जबकि भवन का उद्घाटन पिछले वर्ष मई माह में उप राष्ट्रपति एम। वेंकैया नायडू द्वारा किया गया। सरकारी कार्य में 'कास्ट ओवर रन' और 'टाइम ओवर रन' से बचना चाहिए। यूपी देश का सबसे बड़ा प्रदेश है लेकिन अन्य प्रदेशों की तुलना में जितना औद्योगिक विकास होना चाहिए था, नहीं हो पाया है। उसके दो कारण हो सकते हैं, कानून व्यवस्था और अबाधित विद्युत व्यवस्था की कमी। गत वर्ष फरवरी में आयोजित इंवेस्टर्स समिट में रूपये 4.28 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुये। समिट से यह संदेश गया कि कानून व्यवस्था एवं विद्युत आपूर्ति की स्थिति अब संतोषजनक है। इस दौरान राज्यपाल ने कुंभ में बिजली प्रबंधन की सराहना भी की। इस अवसर पर एमडी अर्पणा यू।, राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजिनियर संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष आरके त्रिवेदी, महासचिव वरिन्दर कुमार शर्मा, निदेशक पावर कारपोरेशन एसपी पांडेय, संगठन के अन्य पदाधिकारी व बड़ी संख्या में सदस्यगण उपस्थित थे।

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