क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ: राजधानी में पीएम आवास योजना की सुस्ती और अनियमितता के कारण जिला प्रशासन की किरकिरी हो रही है. मैनपावर की कमी और योजनाओं के लगातार दबाव को देखते हुए डीसी राय महिमापत रे ने अब पीएम आवास योजना की मॉनिटरिंग तेज करने का निर्णय लिया है. प्रधानमंत्री आवास योजना के निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए जिला प्रशासन 10 कर्मचारियों की नियुक्ति करेगा. इसके लिए प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट की स्थापना की गई है. पीएमयू में खाली पड़े पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.

डीडीसी ने मांगा अतिरिक्त मैनपावर

डीडीसी दिव्यांशु झा ने कुल 10 पदों पर बहाली के लिए आवेदन मांगा है. इन दसों पदों पर कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर नियुक्ति करने की प्रक्रिया की जा रही है. जिला समन्वयक के एक, प्रखंड समन्वयक के तीन और लेखापाल सह कंप्यूटर ऑपरेटर के 6 पदों पर बहाली होगी. सभी पदों के लिए अलग-अलग शैक्षणिक योग्यता और अनुभव निर्धारित किया गया है. यह नियुक्ति पूरी तरह कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर होगी. इसके लिए आवेदक 8 जनवरी से 24 जनवरी तक आवेदन कर सकते हैं.

ऑनलाइन आवेदन, नियुक्ति से आएगी तेजी

आवेदकों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा. कोई उम्मीदवार सभी पदों के लिए अलग-अलग आवेदन करना चाहते हैं तो उन्हें पद के साथ अलग-अलग आवेदन करना होगा. रांची जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बन रहे घरों की रफ्तार धीमी है. कर्मचारियों की नियुक्ति के बाद इसमें तेजी आएगी.

कैसी-कैसी गड़बडि़यां

प्रधानमंत्री आवास योजना में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा पकड़ा गया है. इसमें जीओ टैगिंग के दौरान किए गए सत्यापन में ऐसे कई परिवार सामने आए हैं, जिन्होंने अभी तक निर्माण कार्य नहीं शुरू किया है. इसमें कई पात्र ऐसे हैं जिनका पता गलत है या इनका टेलीफोन से संपर्क नहीं हो सका. प्रशासन ने इन सभी को संदेह की श्रेणी में शामिल कर दोबारा सत्यापन शुरू कराया है. प्राथमिक जांच में कई लाभार्थी ऐसे पाए गए हैं जिनके पास पहले से मकान है. गलत तथ्यों के आधार पर उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ लिया है. निजी संस्था की ओर से कराए गए सर्वे के आधार पर यह आवंटन किया गया था.

सामने आ रही कई गड़बडि़यां

डीसी राय महिमापत रे द्वारा जारी निर्देश के बाद मामले की जांच में करीब 119 पात्रों का काम शुरू नहीं हुआ है. 254 पात्रों का नंबर सही नहीं होने के कारण उनका फोन नहीं लगा. 41 लोगों का पता गलत पाया गया. इसके अलावा भी कई तरह की गड़बडि़यों की शिकायतें मिली हैं.

वर्जन

पीएम आवास योजना की गति धीमी होने के पीछे कई कारण हैं, जिनकी जांच, नियंत्रण व निरीक्षण के लिए अतिरिक्त मैनपावर चाहिए. इसलिए 10 लोगों की नियुक्ति केवल इन्हीं शिकायतों की जांच के लिए की जा रही है. अपात्रों को चिन्हित करने के साथ-साथ योजना की गति में तेजी लाई जाएगी.

राय महिमापत रे, डीसी, रांची