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-लखनऊ के बाद वाराणसी और कानपुर परिक्षेत्र से भी सिविल लाइंस डिपो आएंगी महिला स्पेशल पिंक बसें

dhruva.shankar@inext.co.in

PRAYAGRAJ: प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं की यात्रा को सुलभ बनाने के लिए पहली बार उपलब्ध कराई गई पिंक बसों का दायरा बढ़ाया जा रहा है। जहां अभी तक लखनऊ से ही प्रयागराज तक पिंक बसों का परिचालन किया जा रहा था। वहीं अब प्रयागराज को एक्स्ट्रा पिंक बसों की सौगात भी दी जा रही है। इसकी बड़ी वजह यही है कि लखनऊ के बाद वाराणसी और कानपुर परिक्षेत्र से पिंक बसों का परिचालन परिवहन निगम प्रयागराज परिक्षेत्र के सिविल लाइंस डिपो तक किया जाने वाला है। इसके लिए मई के अंतिम सप्ताह में दोनों शहरों से दो-दो बसों का परिचालन शुरू हो जाएगा।

पांच पिंक बसों का भेजा प्रस्ताव

अभी तक लखनऊ के आलमबाग डिपो से छह पिंक बसों का परिचालन प्रयागराज तक हो रहा है। लेकिन अब सिविल लाइंस डिपो से भी पिंक बसें चलाई जाएंगी। वह भी लखनऊ और गोरखपुर रूट के लिए। परिक्षेत्र के आरएम टीके एस बिसेन ने यहां से तीन पिंक बसें लखनऊ और दो बसें गोरखपुर रूट पर चलवाने के लिए लखनऊ स्थित मुख्यालय को मई के पहले सप्ताह में प्रस्ताव बनाकर भेज दिया था। आरएम की मानें तो चुनाव आचार संहिता समाप्त होने के बाद शासन से प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाएगी।

महत्वपूर्ण तथ्य

04 पिंक बसें चलने लगेंगी वाराणसी और कानपुर परिक्षेत्र से सिविल लाइंस डिपो तक आचार संहिता समाप्त होने के बाद।

06 बसें पिंक बसें लखनऊ के आलमबाग डिपो से प्रयागराज तक आती हैं।

02 पिंक बसें गोरखपुर से सिविल लाइंस डिपो तक चलाई जानी थी। लेकिन अभी तक उसका परिचालन नहीं हो सका है।

-अभी तक प्रयागराज परिक्षेत्र के अन्तर्गत आने वाले सिविल लाइंस डिपो से एक भी पिंक बसों का परिचालन नहीं हो रहा है।

डिपो में बनेगा अलग स्टैंड

सिविल लाइंस डिपो में अभी तक लखनऊ परिक्षेत्र से आने वाली छह पिंक बसों के लिए कोई स्थाई स्टैंड नहीं बनाया गया था। लेकिन अब व्यवस्था में बदलाव हो रहा है। डिपो परिसर में गेस्ट हाउस के बगल में साइन बोर्ड के साथ बसों की डिजिटल टाइमिंग मशीन लगाने की योजना बनाई गई है। इससे महिलाओं को पिंक बस पकड़ने में असुविधा नहीं होगी।

वर्जन

प्रयागराज में जल्द ही वाराणसी और कानपुर रूट से पिंक बसों की सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी। हमने भी सिविल लाइंस डिपो से लखनऊ और गोरखपुर रूट पर बसों को चलाने के प्रस्ताव भेजा है। आचार संहिता समाप्त होने के बाद शासन से मंजूरी मिलने की संभावना है।

-टीकेएस बिसेन, आरएम प्रयागराज परिक्षेत्र परिवहन निगम