हीमोग्लोबिन की कमी महिलाओं पर पड़ रही भारी

4 ग्राम से कम मिल रहा गर्भवती महिलाओं का हीमोग्लोबिन

Meerut . महिलाओं में हीमोग्लोबिन की कमी उनके होने वाले बच्चों के लिए खतरा बन रही है. गर्भवती महिलाओं में खून की कमी होने से बच्चे के विकास में दिक्कत आ रही है. स्थिति यह है कि कुछ महिलाओं में हीमोग्लोबिन का लेवल 4 से 5 ग्राम ही मिल रहा है. इसका खुलासा स्वास्थ्य विभाग की ओर से गर्भवती महिलाओं की जांच में हुआ है.

यह है स्थिति

स्वास्थ्य विभाग की ओर से हर तिमाही में गर्भवती महिलाओं की जांच की जाती है. इसके तहत विभाग की ओर से जून से अब तक करीब 700 महिलाओं की जांच की गई, जिसमें करीब 100 महिलाओं में हीमोग्लोबिन कम पाया गया. जबकि जून माह तक जांची गई 1575 महिलाओं में करीब 270 महिलाओं में हीमोग्लोबिन की कमी पाई गई थी. स्थिति यह है कि अधिकतर महिलाओं में 4 से 8 ग्राम हीमोग्लोबिन की मात्रा पाई गई है, जबकि विभाग के मानकों के अनुसार यह स्तर 10 से 12 ग्राम होना चाहिए.

यह हो रही दिक्कत

हीमोग्लोबिन की कमी से महिलाओं में शुगर, ब्लड प्रेशर, यूरीन में एल्बुमिन की कमी , ओवरवेट, घबराहट, चिड़चिड़ापन, अवसाद जैसी समस्याएं पैदा हो रही है. इसके अलावा हीमोग्लोबिन की कमी से महिलाएं हाईरिस्क प्रेग्नेंसी जोन में भी आ गई हैं. स्वास्थ्य विभाग की ओर से ऐसी महिलाओं को चिह्नित कर उनकी मॉनिटिंरिग की जा रही है. इसके लिए सभी महिलाओं को 90 दिन के लिए 180 आयरन की टेबलेट दी जा रही है. इसके अलावा विभाग की ओर से समय-समय पर गर्भवती महिलाओं को सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर जांच के लिए बुलाए जाने की योजना भी बनाई गई है. यह जांच 4 महीने की गर्भावस्था के बाद की जाएगी.

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गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को काफी सावधानी की जरूरत होती है. गर्भावस्था के दौरान हीमोग्लोबिन कम होने से बच्चों का विकास रूक जाता है. लापरवाही और खानपान की वजह से महिलाओं में यह स्थिति उत्पन्न हो रही है. जरूरी है कि ऐसी महिलाएं खुद की सेहत और खान-पान का विशेष ध्यान रखे.

डॉ. राजकुमार, सीएमओ