-1312 कृषि फीडर का काम पूर्ण करने का लक्ष्य अगले वर्ष मार्च तक

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क्कन्ञ्जहृन्: बिजली कंपनी जर्जर तार बदलने का काम दो वर्ष में पूरा करे. इसके लिए तीन हजार करोड़ की योजना स्वीकृत की गई है. यह बातें सीएम नीतीश कुमार ने शुक्रवार को कही. जबकि डप्टी सीएम सुशील मोदी ने कहा कि पंद्रह सितंबर से बिहार में प्रीपेड बिजली मीटर लगाने की योजना शुरू होगी. सीएम नीतीश ने कहा कि इसी तरह कृषि कार्य के लिए अलग से 1312 फीडर का निर्माण मार्च 2019 तक पूरा होने का वचन भी ऊर्जा विभाग याद रखे. आज लोग सबसे अधिक बिजली के क्षेत्र में हुए काम से संतुष्ट हैं. मैंने छह वर्ष पहले गांधी मैदान में पंद्रह अगस्त को कहा था कि अगर बिजली के क्षेत्र में सुधार नहीं होगा तो 2015 में वोट मांगने नहीं जाऊंगा. विद्युत भवन में आयोजित बिजली विभाग से जुड़ी 7522.38 करोड़ की योजनाओं के उद्घाटन, शिलान्यास व लोकार्पण समारोह में सीएम बोल रहे थे.

700 से 5008 मेगावाट पर पहुंचे

सीएम ने कहा कि 2005 में जब बिहार का कामकाज संभाला था तब बिजली की आपूर्ति मात्र 700 मेगावाट थी. इसमें कुछ बिजली नेपाल और अच्छा-खासा हिस्सा रेलवे को दिया जाता था. स्थिति यह थी कि पटना और कुछ शहरों को छोड़कर कहीं बिजली नहीं थी. वहीं इस वर्ष जुलाई में बिहार में 5008 मेगावाट की आपूर्ति हुई. यह काफी जरूरी है कि बिजली उपभोक्ताओं को बिजली बिल समय पर मिले. वैसे स्पॉट बिलिंग शुरू होने के बाद बिजली बिल उपलब्ध कराने की स्थिति में सुधार हुआ है. पिछले वित्तीय वर्ष बिजली बिल से बिजली कंपनी को 8000 करोड़ हासिल हुए.

पहले चरण में दस लाख घरों में प्रीपेड बिजली मीटर

डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने कहा कि अगले माह पंद्रह सितंबर से बिहार में प्री पेड बिजली मीटर लगाए जाने की योजना आरंभ हो जाएगी. पहले चरण में पांच से दस लाख परिवारों को प्रीपेड मीटर दिए जाएंगे. अगले डेढ़ साल में अठारह लाख घरों में लगाया जाएगा. राजधानी स्थित विद्युत भवन परिसर में बिजली विभाग की योजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ने यह बातें कही. उन्होंने कहा कि बिहार सरकार ने बरौनी, कांटी और नवीनगर थर्मलपावर उत्पादन इकाई को एनटीपीसी को सौंप दिया है. इससे बिहार को हर वर्ष 875 करोड़ रुपए की बचत होगी. कजरा में 250 व पीरपैंती में 325 मेगावाट क्षमता की सोलर बिजली उत्पादन इकाई की स्थापना होगी.