- स्थानीय प्रशासन के साथ राष्ट्रपति भवन से आए अधिकारियों ने किया गोरखनाथ मंदिर का निरीक्षण

GORAKHPUR: महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद संस्थापक सप्ताह समारोह के मुख्य महोत्सव एवं पुरस्कार वितरण समारोह के मुख्य अतिथि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद व उनकी पत्नी सविता कोविंद के आगमन के मद्देनजर गोरखनाथ मंदिर में तैयारियां जोरों पर हैं. कार्यक्रम के विशिष्ट अथिति राज्यपाल रामनाईक होंगे. मुख्यमंत्री गोरक्षपीठाधीश्वर महंत योगी आदित्यनाथ के सानिध्य में होने वाले इस कार्यक्रम के लिए शुक्रवार को जिला प्रशासन और राष्ट्रपति भवन से आए सुरक्षा अधिकारियों ने राष्ट्रपति के कार्यक्रम के मद्देनजर मंदिर के सुरक्षा इंतजाम व आयोजन स्थलों का जायजा लिया.

स्थानीय अधिकारियों संग की बैठक

शैक्षणिक पुर्नजागरण के पुरोधा ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ द्वारा संस्थापित एवं ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ द्वारा पुष्पित महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद अपने संस्थापक एवं संचारक की पुण्यस्मृति में 4 से 10 दिसंबर तक महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद संस्थापक सप्ताह समारोह आयोजित करता है. रविवार को गोरखनाथ मंदिर स्थित ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ सभागार में मुख्य महोत्सव एवं पुरस्कार वितरण समारोह के साथ कार्यक्रम का समापन होगा. शुक्रवार को एडीएम विधान जायसवाल के नेतृत्व में एसडीएम हाटा दिनेश कुमार, एसडीएम कुशीनगर, अजय नारायण सिंह, एसडीएम कप्तानगंज विपिन कुमार एवं एसडीएम सहजनवां ने राष्ट्रपति के प्रोटोकॉल के मुताबिक आयोजित कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया. उसके बाद राष्ट्रपति भवन से आए अधिकारियों की टीम ने भी स्थानीय अधिकारियों के साथ कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया.

मंदिर के मुख्यद्वार से आएंगे राष्ट्रपति

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की कार गोरखनाथ मंदिर के मुख्यद्वार से प्रवेश करेगी. श्रीनाथ मंदिर के समक्ष रेड कार्पेट पर राष्ट्रपति उतरेंगे. उसके बाद राष्ट्रपति, उनकी पत्नी सविता कोविंद, राज्यपाल रामनाईक और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रेड कॉरपेट पर चलते हुए गुरु गोरक्षनाथ एवं अखंड ज्योति का दर्शन पूजन करेंगे. यहां 101 की संख्या में वेदपाठी बालक संस्कृत वेदमंत्रों से स्वागत करेंगे. उसके बाद ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ एवं ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की पूजा अर्चना करने के बाद आशीर्वाद लेंगे. उसके बाद गोरक्षपीठाधीश्वर कक्ष में योगी आदित्यनाथ के साथ बैठक कर प्रसाद ग्रहण करेंगे. इस कक्ष में राष्ट्रपति व उनकी पत्नी , राज्यपाल, मुख्यमंत्री के अलावा महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रो. यूपी सिंह समेत कुल 26 लोग उपस्थित रहेंगे. शिक्षा परिषद के सदस्यों के साथ इस कक्ष में फोटोग्राफी एवं जलपान ग्रहण के बाद सभी अतिथि स्मृति भवन के लिए प्रस्थान करेंगे.

मंच पर होंगे सिर्फ पांच लोग

स्मृति भवन सभागार के मुख्य मंच पर अग्रिम पंक्ति में राष्ट्रपति व उनकी पत्नी, राज्यपाल रामनाईक, मुख्यमंत्री और परिषद अध्यक्ष बैठेंगे. उनके पीछे राष्ट्रपति, राज्यपाल, मुख्यमंत्री का स्टाफ रहेगा. राष्ट्रपति 52 पुरस्कार का वितरण करेंगे. इस सभाकक्ष में 1200 लोग पहले ही उपस्थित रहेंगे. यहां मुख्यमंत्री, राज्यपाल एवं राष्ट्रपति का मंच से संबोधन होगा. 9 बजे से शुरू होने वाला यह कार्यक्रम 11 बजे तक चलेगा. उसके बाद राष्ट्रपति फिर पैदल ही रेड कार्पेट पर चलते हुए पीठाधीश्वर कक्ष में पहुंचेंगे. यहां कुछ देर विश्राम करने के बाद पोर्च में खड़ी अपनी कार से मंदिर के मुख्य द्वार से होते हुए एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगे.

हट रहे बिजली के पोल, रंगरोगन जोरों पर

राष्ट्रपति के रूप में रामनाथ कोविंद के गोरखपुर प्रथम आगमन पर मंदिर में तैयारियां जोरों पर हैं. अब तक बिजली एवं टेलीफोन के 114 पोल में अधिकांश हटाए जा चुके हैं. सीसीटीवी कैमरे और टेलीफोन की लाइनों को भी हटाया जा रहा है. इसके अलावा मंदिर परिसर में रंगरोगन और सफाई का कार्य जारी है. गोरक्षपीठाधीश्वर कक्ष समेत मंदिर के प्रमुख कक्ष की साजसज्जा की जा रही है. काफी संख्या में मजदूर लगाए गए हैं.

पुरानी धर्मशाला में सेफ हाऊस, मठ में ग्रीन रूम

राष्ट्रपति के मंदिर आगमन के मद्देनजर पुरानी धर्मशाला के कक्ष संख्या 8 में सेफ हाउस बनाया जा रहा है. डीएम के निर्देश पर मंदिर के कार्यालय सचिव द्वारिका तिवारी ने रंगरोगन और शौचालय की सफाई तत्काल शुरू करा दी है. इसके अलावा मठ के ग्राउंड फ्लोर पर स्थित प्रो. यूपी सिंह के कक्ष को ग्रीन रूम एवं रिफ्रेशर रूम बनाया गया है. इस कक्ष में नए पर्दे, चादरें, कालीन और साज सज्जा के अन्य इंतजाम किए जा रहे हैं.

16 सीसीटीवी लगे, इंसॉस और एसएलआर मिली

राष्ट्रपति के दौरे के मद्देनजर मंदिर परिसर में 16 नए सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं. इसके अलावा मंदिर के सुरक्षा कर्मियों को 3नॉट 3 राइफल के स्थान पर ऑटोमेटिक हथियार इंसॉस और एसएलआर उपलब्ध करा दी गई है. मंदिर परिसर की सभी दुकानों को खुला रखा जाएगा, लेकिन दुकानों के बाहर कोई विक्रेता बढ़ कर सामान नहीं लगाएगा. सभी दुकानों के समक्ष राष्ट्रपति के आगमन के मद्देनजर साज-सज्जा की जाएगी. 9 और 10 दिसंबर को धर्मशाला जहां सेफ हाऊस बनाया गया है, कोई भी तीर्थ यात्री नहीं ठहराया जाएगा. मंदिर परिसर के सभी कर्मचारियों, स्वयंसेवकों एवं कार्यक्रम से जुड़े लोगों का मंदिर और शिक्षा प्रतिष्ठानों की ओर से परिचय पत्र बनाया जा रहा है जिस पर प्रशासन की ओर से भी स्वीकृति ली जा रही है.