लोकल फसल की कमी के साथ बढ़ने शुरु हुए सब्जियों के दाम

भिंडी, घिया, लोकी के दाम में तेजी, भिंडी सौ रुपए पार

Meerut. अभी मिर्ची के दाम में तेजी से आ रहे तीखे पन से आम घर की रसोई उबरी भी नहीं थी कि हर घर की जरुरत की आम सब्जियों के दाम भी आसमान छूने लगे हैं. मिर्च के साथ भिंडी सौ रुपए पार होने के कारण आम लोगों की थाली से गायब हो ही चुकी है लेकिन अब जल्द ही घिया, करेला और बैंगन भी थाली में कम नजर आएंगे.

मिर्च-भिंडी सौ पार

आज की बात करें तो मिर्च और भिंडी का दाम सौ रुपए प्रति किलो के पार पहुंच चुका है. फुटकर के बाजार में इस समय ये दोनो सब्जियां सबसे अधिक मंहगी हैं. दोनो सब्जियों की मांग के अनुरूप आमद तेजी से कम हुई है. अभी आमद बाहरी प्रदेशों से हो रही है, इसलिए दोनो सब्जियों के दाम में भी अधिक तेजी आई है. फिलहाल मिर्च सिलीगुडी और भिंडी की आपूर्ति अहमदाबाद से हो रही है.

कलकत्ता का करेला

मिर्ची और भिंडी की तरह बैंगन, घिया और करेला की पुरानी फसल अब खत्म हो चुकी है नई फसल की आमद बाहरी दूर के प्रदेशों से कम मात्रा में हो रही है. ऐसे में जरूरत के हिसाब से आपूर्ति ना हो पाने के कारण इन सब्जियों के दाम में उछाल आना शुरु हो गया है. मंडी में इस समय कलकत्ता का करेला और बैंगन आ रहा है. जिस कारण से दाम में इजाफा होना शुरु हो गया है.

तीन माह बाद होगा सुधार

मंडी विशेषज्ञों की मानें तो सर्दियों के मौसम में इन सब्जियों की चार माह तक फसल रहती है. इसके बाद दोबारा नई फसल आने में दोबारा करीब चार से पांच माह का समय लगता है. ऐसे में इन सब्जियों के दाम मे भी अभी कमी आने में तीन से चार माह का समय लग जाएगा.

सब्जियों के दाम-

मिर्ची 80 से 100 रुपए किलो

भिंडी 100 रुपए किलो

घिया 50 से 60 रुपए किलो

बैंगन 40 रुपए किलो

करेला 80 रुपए किलो

वर्जन-

दीपावली तक ही मंडी में सब्जियों के दाम मे कमी आ सकती है. नई फसल बरसात में तैयार होगी, लेकिन बरसात के कारण तब फसल खराब भी होती है और सप्लाई भी बाधित रहती है. ऐसे में बरसात के बाद जाकर दाम सामान्य होंगे.

- अशोक प्रधान मंडी अध्यक्ष

पब्लिक वर्जन आएंगे