-डिस्ट्रिक्ट के 45 प्राइमरी स्कूल्स को बनाया गया है इंग्लिश मीडियम का

-कंप्यूटर, प्रोजेक्टर से हैं लैस पर यहां 107 टीचर्स की अब तक बनी है कमी

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VARANASI

प्रदेश सरकार ने इंग्लिश स्कूल से टक्कर लेने के लिए प्राइमरी इंग्लिश स्कूल तो बना दिया, लेकिन उसकी हालत बहुत खराब है. यहां सेशन शुरू होने के सात महीने बीतने के बाद भी टीचर्स की कमी बनी हुई है. इन स्कूल्स में टीचर्स के 107 पद अभी तक नहीं भर पाए हैं. इनमें 21 प्रिंसिपल भी शामिल हैं. इसका असर क्लासेज पर पड़ रहा है. कुछ महीने बाद एनुअल एग्जाम होने वाला है लेकिन प्राइमरी इंग्लिश स्कूल में मात्र 30 परसेंट ही कोर्स पूरा हो पाया है. ऐसे में इन स्कूल्स में पढ़ने वालों का भविष्य फिलहाल अंधकार में ही नजर आ रहा है.

45 स्कूल इंग्लिश मीडियम के

प्राइवेट इंग्लिश स्कूल की तरह ही करेंट सेशन से डिस्ट्रिक्ट के 45 प्राइमरी स्कूल्स में इंग्लिश मीडियम से पढ़ाई कराई जा रही है. इन स्कूल्स को कंप्यूटर, प्रोजेक्टर, सीसी कैमरा सहित अन्य सुविधाओं से लैस भी किया गया है. लेकिन बड़ी परेशानी यह है कि इन स्कूल्स में मानक के अनुसार अब तक टीचर्स का टोटा बना हुआ है. दूसरी ओर बच्चों को फ्री बुक्स भी सितंबर में उपलब्ध कराया गया. टीचर्स की कमी व किताबें देर से मिलने के कारण अब तक मात्र 30 परसेंट कोर्स ही पूरा कराया जा सका है.

426 ने किया आवेदन

इंग्लिश मीडियम के प्राइमरी स्कूल्स में 107 टीचर्स की कमी है. जिले के अन्य प्राइमरी स्कूल में नियुक्त टीचर्स को ही इन अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों में भेजा जा रहा है. बीएसए जय सिंह ने बताया कि इसके लिए टीचर्स से आवेदन मांगा गया है. 107 टीचर्स के सापेक्ष प्राइमरी स्कूल्स से 426 ने आवेदन किया है. इन शिक्षकों का एग्जाम 13 अक्टूबर को राजकीय क्वींस इंटर कॉलेज में आयोजित है. इस एग्जाम में पासे होने वाले टीचर्स को प्राइमरी इंग्लिश स्कूल में तैनात किया जाएगा. इसके बाद इन स्कूल्स में टीचर्स की कमी दूर हो जाएगी. बावजूद इसके बाद भी इस सेशन में एडमिशन लिए स्टूडेंट्स का कोर्स पूरा नहीं हो पाएगा.