आगरा. ताजनगरी को जल्द ही बैराज की सौगात मिल सकती है. खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसकी नींव रख सकते हैं. सूत्रों की मानें तो अगस्त के आखिरी या सितंबर महीने में कभी भी ताज बैराज का शिलान्यास किया जा सकता है. इसके लिए तैयारी तेज कर दी गई हैं. इससे जहां पार्टी पश्चिमी उत्तर प्रदेश को संदेश देगी, वहीं लोकसभा चुनाव का भी सूबे में शंखनाद करेगी.

पश्चिमी उत्तर प्रदेश है निशाने पर

उत्तर प्रदेश में महागठबंधन की चर्चाओं के साथ ही भाजपा ने भी मोर्चा संभाल लिया है. पार्टी का पश्चिमी उत्तर प्रदेश पर खास फोकस हैं.चूंकि महागठबंधन का असर इस क्षेत्र में अधिक हो सकता है. इसी को बेअसर करने के लिए भाजपा रणनीति बना रही है. सूत्रों की मानें तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ताज बैराज की नींव रखवाने के साथ ही लोकसभा चुनाव का शंखनाद होगा. ताजनगरी से पश्चिमी उत्तर प्रदेश को संदेश देना भी भाजपा का उद्देश्य है.

सपा सरकार में पास हुआ था प्रस्ताव

शहर में यमुना पर बैराज की मांग पुरानी है. जलसंकट को दूर करने के लिए सपा सरकार में यमुना नदी पर रबर डैम का प्रस्ताव पास हुआ था. ताजमहल से डेढ़ किलोमीटर आगे डाउन स्ट्रीम में नगला पैमा में 281 करोड़ रुपए की लागत से योजना तैयार की गई थी. प्रदेश की भाजपा सरकार ने शुरुआत में इस मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया. इसके बाद भाजपा विधायकों ने इसे शहर की जरूरत बताते हुए इस योजना को मुख्यमंत्री से अनुमति दिलाई. साथ ही इसकी नए सिरे से डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए.

चार लाख क्यूसेक पानी होगा स्टोर

इस योजना को ताज बैराज के नाम जाना जाएगा. यह बैराज ओखला और गोकुल बैराज से भी मजबूत होगा. सिंचाई विभाग के अनुसार यह बैराज चार लाख क्यूसेक पानी का दबाव झेल सकेगा.

ये होगा फायदा

- ताज को लाभ होगा

- शहर का मौसम ठंडा रहेगा

- वातावरण में बेहतर सुधार होगा

- यमुना किनारा टूरिस्ट स्पॉट बन जाएगा

- अंडरग्राउंड वॉटर लेवल सुधरेगा

प्रस्तावित ताज बैराज

लंबाई-382 मीटर

चौड़ाई- 33 मीटर

लागत-317 करोड़

आपार सफलता, पर हाथ लगी निराशा

भाजपा को ताजनगरी में नौ विधानसभा सीटें, दो लोकसभा सीट, मेयर और जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर भी सफलता मिली. अधिकांश नगर पंचायत और पालिकाओं में भी भाजपा का कब्जा है. लेकिन, बावजूद इसके शहर के लिए जरूरी प्रोजेक्ट अधर में लटके रहे. अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए कई बार आवाज बुलंद हुई, लेकिन ये जेवर में चला गया. शहर की प्रमुख पेयजल समस्या का भी आज तक समाधान नहीं हो सका. इसके अलावा शहर में अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम की भी मांग लंबे समय से उठ रही है. इन सभी मांगों को लेकर शहरवासी अपने आपको ठगा महसूस कर रहा है. शायद इसीलिए ताज बैराज का तोहफा देकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगरा की जनता के साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश को संदेश देने की कोशिश करेंगे.