पर्यटकों को दी जाएगी ऐतिहासिक महत्व राने वाले स्थलों की जानकारी

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ALLAHABAD: इलाहाबाद में अ‌र्द्धकुंभ की तैयारियों को लेकर काम शुरू हो चुका है. इसके लिए पर्यटन विभाग ने भी अपनी कार्य योजना के अन्तर्गत ने पर्यटन नगरी के रूप में विशेष पहचान बनाने के लिए विश्व पर्यटन दिवस 27 सितबर से नई योजना पर काम करने जा रहा है. शहर में आने वाले पर्यटकों को ऐतिहासिक स्थलों को दिलाने का आगाज करेगा. इतना ही नहीं उन स्थलों का ऐतिहासिक महत्व बताने के लिए पर्यटकों के साथ ट्रेंड गाइड मौजूद रहेंगे.

एक सितबर को बनाई गई योजना

संगम की रेती पर वर्ष 2019 में अ‌र्द्धकुंभ का आयोजन होगा. जिसमें देश-विदेश के लाखों पर्यटक भी आएंगे. इसी को देाते हुए प्रमुख सचिव पर्यटन अवनीश अवस्थी ने क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी अनुपम श्रीवास्तव साथ लानऊ में चर्चा की. बैठक में यह निर्णय लिया गया कि विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर योजना का शुभारंभ किया जाए.

हर संडे को एक खास आयोजन

विश्व पर्यटन दिवस पर हेरिटेज वॉक के जरिए शहीद चंद्रशेार आजाद पार्क, इलाहाबाद संग्रहालय, राजकीय लाइब्रेरी, जवाहर बाल भवन, आनंद भवन व भारद्वाज आश्रम का महत्व पर्यटकों को बताया जाएगा. उसके बाद दूसरे चरण में अक्टूबर के तीसरे सप्ताह से हर संडे को किसी एक ऐतिहासिक महत्व के स्थल पर पर्यटकों को एकत्र कर उन्हें उसकी एक-एक जानकारी उपलध कराए जाने की योजना बनाई गई है.

इन स्थलों पर होगा हेरिटेज वॉक

आजाद पार्क

अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद को समर्पित यह पार्क वह ऐतिहासिक स्थल है जहां उन्होंने अंग्रेज पुलिस से लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त किया था. यहां उनकी भव्य प्रतिमा स्थापित है.

इलाहबाद संग्रहालय

आजाद पार्क के अंदर स्थित इस संग्रहालय में 72 हजार दुर्लभ वास्तुकला के नमूनों, कलाकृतियों व मृण्मूर्तियों का दर्शनीय संग्रह है. जिसके सुरक्षित राने के लिए 13 आर्ट गैलेरी बनाई गई है.

पब्लिक लाइब्रेरी

आजाद पार्क के अंदर ही पब्लिक लाइब्रेरी स्थित है. पुस्तकालय भवन को उप्र में विधान मंडल की स्थापना और विकास का प्रारंािक केन्द्र होने का ाी गौरव प्राप्त है. यहीं पर आठ जनवरी 1887 को तत्कालीन विधान मंडल की पहली बैठक हुई थी.

स्वराज भवन

भारद्वाज आश्रम के समीप स्थित स्वराज भवन पुराना आनंद ावन है. जिसे 1930 में पं. मोतीलाल नेहरू ने देश को समर्पित किया था. उन्होंने ही इसका नया नामकरण स्वराज ावन किया था. अब यहां स्वराज ावन संग्रहालय है.

भारद्वाज आश्रम

शहर के कर्नलगंज क्षेत्र में स्थित इस स्थान के बारे में मान्यता है कि त्रेता युग में यहीं भारद्वाज मुनि का आश्रम था. जहां भगवान श्रीराम वनवास के लिए चित्रकूट जाते समय पधारे थे.

आनंद भवन

स्वराज भवन के बगल में स्थित नेहरू परिवार का यह भव्य व विशाल पैतृक भवन भारतीय स्वाधीनता संग्राम की अनेक महत्वपूर्ण घटनाओं का साक्षी रहा है. अब यहां एक संग्रहालय है जिसमें नेहरू परिवार की अनेक स्मृतियां संगृहीत है.

अ‌र्द्धकुंभ को ध्यान में राते हुए पहली बार हेरिटेज वॉक का आगाज किया जा रहा है. इसके लिए प्रमुख सचिव की स्वीकृति मिल गई है. ट्रेंड गाइड पर्यटकों को ऐतिहासिक महत्व के स्थलों की एक-एक जानकारी उपलब्ध कराएंगे.

अनुपम श्रीवास्तव, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी