- आठ अगस्त से वेतन वृद्धि को लेकर कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच शुरू हुआ था विवाद

GORAKHPUR : विश्व प्रसिद्ध धार्मिक संस्थान गीता प्रेस में मंगलवार को 39 दिन बाद फिर छपाई चालू हो गई. 150 कर्मचारियों ने हड़ताल समाप्त करने की घोषणा की और सुबह होने वाली प्रार्थना सभा में शामिल हुए. सुबह 8.30 बजे से कर्मचारी कार्य पर जुट गए. 39 दिन से बंद पड़ी गीता प्रेस की मशीन फिर से चलने लगी है. बहाल नहीं किए पांच कर्मचारियों के बवाल से डर से गीताप्रेस प्रबंधन ने कर्मचारियों को पीछे के रास्ते से निकाला.

12 राउंड वार्ता से निकला नतीजा

उप श्रमायुक्त कार्यालय पर प्रबंधन और कर्मचारियों के बीच कुल 12 राउंड वार्ता हुई है. कर्मचारियों ने अपनी बात को लेकर कई राउंड उप श्रमायुक्त कार्यालय पर फरियाद सुनाई, लेकिन बात नहीं बनी. विवाद सुलझाने के लिए मेयर डॉ. सत्या पांडेय, सांसद योगी आदित्यनाथ और नगर विधायक डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल सहित सिटी के कई अन्य लोगों से सहयोग मांगा गया, लेकिन कोई हल नहीं निकला. आखिरकार सोमवार रात डीएम की अध्यक्षता में हुई मीटिंग में विवाद सुलझा और मंगलवार की सुबह कर्मचारी कार्य पर लौट आए. गीता प्रेस के ट्रस्टी ईश्वर पटवारी ने कहा कि 12 स्थायी कर्मचारियों का निलंबन बहाल कर दिया गया है. अभी लिखित माफीनामा नहीं दिया गया है, वह कुछ दिन में मिल जाएगा. ठेके के कर्मचारियों को संस्थान नहीं रखेगा, इसकी जानकारी ठेकेदारों को दे दी गई है.