- टॉयलेट में टोंटी पर फंदे से लटका मिला शव

- टोंटी की ऊंचाई से उठ रहे कई सवाल

आगरा. बागपत जेल में हुई कुख्यात मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद जेलों में सुरक्षा को लेकर अलर्ट है. इसके बावजूद बुधवार को सेंट्रल जेल में एक कैदी की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई. कैदी टॉयलेट में टोंटी पर बंधे फंदे पर लटका मिला. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. कैदी हत्या के मामले में सजा काट रहा था.

अस्पताल में चल रहा था इलाज

गांव सदारनपुर, इसोली, मेरठ निवासी 49 वर्षीय अशोक पुत्र भोले यादव को 14 जून 1999 में आजीवन कारावास की सजा हुई थी. तभी से वह आजीवन कारावास में निरुद्ध चल रहा था. उसे जेल के सर्किल नम्बर चार में रखा गया था. जेल पुलिस के मुताबिक नौ जुलाई से वह जेल अस्पताल मे एडमिट था. सुबह अशोक टॉयलेट में गया तो बाहर नहीं आया. काफी देर तक देखने के बाद जब वह बाहर नहीं आया तो उसे देखा गया. जेल पुलिस ने देखा कि उसका शव फंदे पर लटका है. उसका शव टोंटी के सहारे लटक रहा था. उसने पजामे के नाड़े से फांसी का फंदा बनाया.

पुलिस ने शव भेजा पोस्टमार्टम हाउस

सूत्रों के मुताबिक जिस तरह उसका शव लटका था, उस तरह सुसाइड नहीं हो सकता. टोंटी ज्यादा ऊपर नहीं थी. शौचालय की छत भी खुली बताई गई है. जेलर एसपी मिश्रा के मुताबिक कैदी ने सुसाइड किया है. मामले की जांच की जा रही है.

उपचार के दौरान कैदी की मौत

गांव गुड़ा थाना डौकी निवासी 85 वर्षीय प्यारे लाल पुत्र लखमी चंद सेंट्रल जेल में हत्या के मामले में आजीवन कारावास में निरुद्ध चल रहे थे. कुछ दिनों से उनकी तबियत खराब थी. उन्हें सुबह पांच बजे एसएन में एडमिट कराया. बुधवार की सुबह नौ बजे उनकी मौत हो गई. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.