-बिजली निगम के निर्देश पर ठेकेदार करा रहा था काम

-मोहद्दीपुर में दोपहर में हुआ हादसा, परिजनों ने किया हंगामा

GORAKHPUR: मोहद्दीपुर में बुधवार दोपहर बिजली के तार पर फट्टी बांध रहा किशोर अचानक करंट आने से तार में चिपक गया. थोड़ी देर बाद वह सड़क पर गिरा. मौके पर अफरा-तफरी मच गई. किशोर को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया. जहां डॉक्टर्स ने उसे मृत घोषित कर दिया. बिजली निगम के अफसरों पर लापरवाही का आरोप लगाकर परिजनों ने हंगामा किया.

सहजनवा एरिया के बाहीपर निवासी महेश बहुत गरीब हैं. वह मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं. उनका दूसरे नंबर को बेटा देवानंद (17 वर्ष) बिजली निगम के ठेकेदार सुनील सिंह के अधीन काम करता है. दुर्गापूजा के मद्देनजर बिजली निगम पंडालों के आसपास के तार को टाइट करा रहा है. इसके लिए तारों पर फट्टी बांधी जा रही है. बुधवार को मोहद्दीपुर चौराहे के पास देवानंद बिजली के पोल पर चढ़कर तार पर फट्टी बांध रहा था. उसे बताया गया कि शट डाउन लिया गया है. तीन तार पर वह फट्टी बांध चुका था. जैसे ही चौथे तार पर फट्टी बांधने के लिए उसने हाथ आगे बढ़ाया वह तार से चिपक गया. उसे तार से चिपका देख मोहद्दीपुर का लाइनमैन रमानंद मौके से फरार हो गया. कुछ सेकेंड में देवानंद सिर के बल सड़क पर गिरा. साथ में काम कर रहे अन्य मजदूर उसे लेकर बगल में स्थित एक प्राइवेट अस्पताल पहुंचे. यहां जांच के बाद डॉक्टर्स ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया. जिला अस्पताल में डॉक्टर्स ने देवानंद को मृत घोषित कर दिया. अधिशासी अभियंता वीके चौधरी ने कहा कि बिजली आपूर्ति रोककर काम हो रहा था. बैक करंट आने से देवानंद को झटका लगा होगा. जेनरेटर या इंवर्टर से कभी-कभ्ी बैक करंट तार में आ जाता है. उसकी उम्र कम होने की जानकारी नहीं है. गुरुवार को विद्युत सुरक्षा निदेशालय की टीम को जांच के लिए कहा जाएगा. घटना दुखद है.

शटडाउन के दौरान आया करंट, संविदा लाइनमैन झुलसा

सहजनवा थाना क्षेत्र के बरयाभीर निवासी संविदा लाइनमैन सतीश मौर्या (26 वर्ष)पोल पर चढ़कर लाइन टीक कर रहा था. अचानक लाइन आ गई. जिसमें लाइनमैन करंट की चपेट में आने से झुलस कर नीचे गिर गया. मौके पर मौजूद लोगों ने उसे सहजनवां स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती करवाया. जहां डॉक्टर्स ने स्थिति को गंभीर देखते हुए मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया. एसडीओ ने बताया कि शट डाउन लिया गया था. कैसे लाइन चालू हुई है. इसकी जांच कराई जाएगी. जांच में लापरवाही मिलने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.