-पल्मोनरी मेडिसिन विभाग में स्पेक्ट्रा पैथोलॉजी का रैकेट

-अधिकारी करते रहे आरोपियों को बचाने की कोशिश

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LUCKNOW : किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में दलालों का गोरखधंधा चल रहा है. प्राइवेट पैथोलॉजी के दलाल खुद मरीज के बेड पर जाकर सैंपल लेते हैं और बेड साइड आकर रिपोर्ट भी दे जाते हैं. लेकिन शनिवार को स्पेक्ट्रा पैथोलॉजी सेंटर का लड़का पल्मोनरी मेडिसिन विभाग में सैंपल लेने आया तो केजीएमयू के मीडिया प्रभारी से ही टकरा गया. उससे पूछताछ की जाने लगी तो उसने अपने मालिक को बुला लिया. मालिक पहुंचा तो उसने डॉक्टर्स के साथ अभद्रता की. जिसके बाद उन्होंने पुलिस बुलाकर एफआईआर दर्ज करने क तहरीर दी है.

बचाने का दबाव डालते
पुलिस को दी तहरीर में डॉ. संतोष कुमार ने लिखा है कि शाम करीब चार बजे वह ड्यूटी पर थे. इस दौरान उनके कमरे में स्पेक्ट्रम पैथोलॉजी से अनुज नाम का लड़का आया और बताया कि किसी मरीज का सैंपल लेना है. जब उन्होंने पूछा कि किसने सैंपल लेने के लिए बुलाया है तो उसने डॉ. तारिक का नाम बताया.

पैथोलॉजी का मालिक उलझ गया
डॉ. संतोष के अनुसार जब उन्होंने डॉ. तारिक से पूछा तो उन्होंने सैंपल के लिए बुलाने से इनकार कर दिया. डॉ संतोष ने बताया कि इसके बाद अनिकेत अनी नामक व्यक्ति कमरे में आया और कहा कि इस लड़के को सैंपल लेने भेजा था और अब ले जा रहा हूं. जब डॉक्टर संतोष ने उससे कहा कि अभी प्रॉक्टर और पुलिस आ रही है उसके बाद ही जाएं तो स्पेक्ट्रा पैथोलॉजी के मालिक अनिकेत अनी ने उसने अभद्रता की और गाली गलौज की. इसी दौरान मौके पर पुलिस और चीफ प्रॉक्टर भी पहुंच गए. उनसे भी स्पेक्ट्रा पैथोलॉजी का मालिक उलझ गया. मौके पर एचओडी डॉ. सूर्यकांत भी पहुंचे और उन्होंने भी आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा.

बैग से निकले सैंपल और वायल
चीफ प्रॉक्टर और पुलिस ने सख्ती की तो स्पेक्ट्रा का मालिक अनिकेत अनी शांत हुआ. इसके बाद जब तलाशी ली गई तो आरोपी के पास से बड़ी संख्या में सैंपल और वायल बरामद हुए. यह सभी पल्मोनरी मेडिसिन विभाग के मरीजों के सैंपल थे. डॉ. संतोष कुमार ने तहरीर में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की है. मौके पर ही मौजूद चीफ प्रॉक्टर ने भी कागज पर साइन करके पुलिस को भेज दिया. जिसके बाद पुलिस दोनों ही आरोपियों को अपने साथ ले गई.

मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों को पुलिस के हवाले कर दिया गया है. साथ ही एफआईआर के लिए पत्र पुलिस को भेज दिया गया है.

डॉ. आरएएस कुशवाहा, चीफ प्रॉक्टर, केजीएमयू