सीट बेल्ट और हेलमेट लगाने में लापरवाही में प्रयागराज को पहला स्थान

सड़क दुर्घटनाएं रोकने के लिए पूरे प्रदेश में चलाया गया था अभियान

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PRAYAGRAJ: नंबर वन होना गौरव की बात होती है। लेकिन इस बार अपना प्रयागराज जिस मामले में नंबर वन बना है, वह शॉकिंग है। जीहां, यह लापरवाही सामने आई है सीट बेल्ट और हेलमेट लगाने के मामले में। यह लापरवाही सामने आई है परिवहन विभाग द्वारा मार्च के फ‌र्स्ट वीक में चलाए गए अभियान के दौरान। यह अभियान 13 और 15 मार्च को पूरे प्रदेश में चलाया गया था। शनिवार को पूरे प्रदेश का जो आंकड़ा सामने आया है, उसमें प्रयागराज नंबर वन पर है। यहां चेकिंग के दौरान पूरे प्रदेश में सर्वाधिक 638 वाहनों का चालान काटा गया। गौरतलब है कि बीते दिनों में प्रयागराज में सड़क हादसों में कई लोगों ने अपनी जान गंवाई है।

सीट बेल्ट पर सर्वाधिक चालान

दो दिनों के अभियान में सर्वाधिक 8408 चालान चार पहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट न बांधने पर काटा गया था। हेलमेट न लगाने पर 2918 लोगों का चालान काटकर जुर्माना वसूला गया था। इस तरह दो दिनों में चार पहिया व दोपहिया वाहन चलाने वाले कुल 11326 चालकों का चालान काटा गया था।

इन जिलों को मिला नोटिस

अभियान के पहले दो दिनों में एटा, चित्रकूट, श्रावस्ती व मेरठ जिलों में सीट बेल्ट और हेलमेट चेकिंग के अभियान में कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस वजह से परिवहन विभाग के लखनऊ मुख्यालय से चारों जिलों के संबंधित आरटीओ को नोटिस जारी किया गया है।

मुख्यालय से होगा निर्धारण

मुख्यालय से मिले निर्देश के बाद दस मार्च को सभी आरटीओ ऑफिस को सूचित किया गया था कि 13 व 15 मार्च को अभियान चलाना है। एआरटीओ प्रशासन डॉ। सियाराम वर्मा की मानें तो प्रत्येक सप्ताह के सोमवार को संबंधित आरटीओ ऑफिस को सूचना दी जाएगी कि सप्ताह के किस दो दिन सीट बेल्ट व हेलमेट को लेकर अभियान चलाना है।

13 व 15 मार्च को हुई चेकिंग

परिवहन विभाग के निर्देश पर पहली कार्रवाई 13 व 15 मार्च को प्रदेश में की गई थी। इसके अन्तर्गत प्रदेश के 47 जिलों में अभियान चलाया गया था।

वर्जन

शासन का निर्देश मिलने के बाद यहां दो दिन अभियान चलाया गया था। उसका आंकड़ा मुख्यालय से जारी कर दिया गया है। प्रयागराज चेकिंग की कार्रवाई के मामले में सबसे आगे है।

रविकांत शुक्ला, एआरटीओ प्रवर्तन

लापरवाही में टॉप फाइव

क्रम जिला हेलमेट सीट बेल्ट कुल

1. प्रयागराज 574 64 638

2. बाराबंकी 363 47 410

3. अयोध्या 266 156 422

4. कानपुर 240 154 394

5. उन्नाव 284 98 382