एट ए ग्लांस

वार्ड-79 पार्षद- गिरी शंकर प्रभाकर उर्फ गिरी बाबा

एजुकेशन- बीए

आबादी- 35 हजार

वोटर- 17,700

मोहल्ला- अतरसुईया, रानी मंडी, हसन मंजिल, सेंवई मंडी, नखास कोहना, मालवीय नगर का कुछ भाग, दुर्गा प्रसाद कॉलोनी, कल्याणी देवी रोड

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अतरसुईया वार्ड में लोग सबसे ज्यादा परेशान, क्योंकि यहां हुआ सबसे कम काम

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ALLAHABAD: पांच साल में शहर के कुछ वार्डो में पानी की तरह पैसा बहाया गया. कहीं एक करोड़, कहीं दो तो कहीं तीन से चार करोड़ रुपये खर्च किए गए. ऐसे में वार्ड नंबर 79 अतरसुईया के वाशिंदों का यही दर्द है कि उनके वार्ड में काफी कम काम हुआ है. कोई भी ऐसा काम नहीं हुआ है, जिससे लगे कि उनका वार्ड यूनिक है. जबकि नखास कोहना, सेंवई मंडी, रानी मंडी के साथ ही हसन मंजिल जैसा बिजनेस एरिया इसी वार्ड में है.

हक और हकीकत

नाला और नाली- 3-10

अतरसुईया वार्ड के नाला और नालियों की सफाई न होना यहां के वाशिंदों के लिए सबसे बड़ी समस्या है. अतरसुईया से कल्याणी देवी तक के बड़े नाले के साथ ही पूरे वार्ड के नालियों की पिछले करीब सात-आठ सालों से तली सफाई नहीं हुई. इसकी वजह से नाला-नाली में सिल्ट भरा हुआ है. हल्की सी बरसात में पानी भर जाता है और नाला ओवरफ्लो करने लगता है.

सफाई- 2-10

चौक और मीरापुर की तरह अतरसुईया की भी वही कहानी है, यहां भी चारों तरफ गंदगी ही दिखाई देती है. क्योंकि पर डे कूड़ा उठता ही नहीं है. रोड पर कचरा पड़ा रहता है. शिकायत करने पर ही कचरा उठता है. पार्षद का कहना है कि ऐसा इसलिए है, क्योंकि यहां सफाई कर्मचारियों की संख्या काफी कम है. कई बार संख्या बढ़ाने के लिए कहा गया, लेकिन अधिकारियों पर असर नहीं पड़ा.

पानी- 3-10

शहर में जगह-जगह ट्यूबवेल, मिनी ट्यूबवेल और ओवर हेड टैंक लगाकर वाटर सप्लाई की जा रही है. वहीं अतरसुईया इलाके में आज भी वर्षो पुराने और ध्वस्त हो चुके अंडर ग्राउण्ड वाटर टैंक से कई मोहल्लों में वाटर सप्लाई हो रही है. इसकी वजह से गंदा और बदबूदार पानी लोगों के घरों में पहुंचता है. भागवत बाग, अतौरिया, चढ्डा रोड आदि इलाकों में तो पानी की जबर्दस्त क्राइसेस है और यहां के लोग अक्सर आंदोलन करते रहते हैं.

बिजली- 4-10

मेन रोड पर तो बिजली आपूर्ति व्यवस्था ठीक है. लेकिन हसन मंजिल के साथ ही रानी मंडी की ओर जाने वाले रास्तों पर तारों का जंजाल बना हुआ है. इसकी वजह से दुर्घटना की संभावना बनी रहती है. जबकि रानी मंडी कॉमर्शियल एरिया है. इसके बावजूद बिजली विभाग इस ओर बिल्कुल ध्यान नहीं दे रहा है.

आवारा पशु- 3-10

नखास कोहना हो, सेंवई मंडी या फिर रानी मंडी ये मार्केट अतरसुईया ही नहीं बल्कि इलाहाबाद की जान हैं. इस मार्केट के व्यापारी इंसानों से नहीं बल्कि आवारा पशुओं से डर कर बिजनेस करते हैं. पता नहीं कब किधर से आवारा पशु आ जाएं और दुकान को नुकसान पहुंचा कर निकल जाएं. लोगों का कहना है कि आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए नगर निगम की ओर से कभी अभियान चलता ही नहीं है.

वार्ड बोलता है

कुछ दिनों पहले तक वार्ड में पानी की काफी समस्या थी. ट्यूबवेल चलता था, पानी आता था, लेकिन घरों तक नहीं पहुंच पाता था. क्योंकि पाइप लाइन ही तोड़ दी गई थी. अब थोड़ी राहत है, लेकिन कूड़ा न उठने से पूरा इलाका परेशान है.

अनिल ग्रोवर

रानी मंडी वैसे तो शहर के सबसे व्यस्त मार्केट में से एक है. यहां पर डे हजारों महिलाएं मार्केटिंग करने आती हैं. वहां न तो सुरक्षा की व्यवस्था है और न ही सफाई की. रानी मंडी के आस-पास की गलियों में आधा अधूरा काम करके छोड़ दिया गया है.

अनिल कुमार

हमारे पटेल नगर में करीब साल भर पहले रोड खोदी गई थी. अब तक बन नहीं सकी है. आस-पास के वार्डो की अपेक्षा हमारे वार्ड में काफी कम काम हुआ है. ऐसा क्यों है? नगर निगम एडमिनिस्ट्रेशन को जवाब देना चाहिए.

रविंद्र विश्वकर्मा

जगदीश बाग में सीवर लाइन बिछाने के लिए पिछले वर्ष ही रोड और गलियां खोदी गई थीं. सीवर लाइन डालने के बाद केवल मिट्टी से रोड पाट दी गई. आज भी रोड कच्ची है. बरसात में कीचड़ व अन्य दिनों धूल से परेशानी होती है.

विष्णु जायसवाल

पब्लिक डिमांड

रानी मंडी में यूटिलिटी का किया जाए इंतजाम, ताकि महिलाओं को न होना पड़े परेशान.

नखास कोहना, सेंवई मंडी, रानी मंडी के साथ ही अन्य मार्केट में बढ़ाई जाए कर्मचारियों की संख्या.

रात में भी हो सफाई की व्यवस्था

अतरसुईया दुर्गा पूजा पार्क के टूटे हुए गेट की कराई जाए मरम्मत

जवाब दो पार्षद जी

1. पांच साल में कराए कार्यो से क्या आप संतुष्ट हैं?

जी नहीं, क्योंकि मेरे वार्ड में शहर के सभी 80 वार्डो की अपेक्षा सबसे कम काम हुआ है. सदन में अपनी पार्टी का नेतृत्व करने के कारण मैने हमेशा गलत कार्यो का विरोध किया है. चाहे वो टैक्स का मुद्दा हो या फिर हरी-भरी की मनमानी का. इसी का परिणाम है कि मेरे वार्ड में सबसे कम काम हुआ है.

2. कॉमर्शियल हाउस टैक्स को लेकर छेड़ा था मुहिम, कितनी सफलता मिली?

मनमाना कॉमर्शियल हाउस टैक्स के खिलाफ उठाए गए आवाज का ही परिणाम है कि सदन को टैक्स वापसी का निर्णय लेना पड़ा. लेकिन अभी भी मेयर जवाब नहीं दे पा रही हैं.

3. वार्ड को मॉडल वार्ड बनाने के लिए क्या किया?

नगर निगम का वातावरण मेरे लायक नहीं था, इसलिए मैं पीछे रहा. 1989 में जब पार्षद था तो सबसे ज्यादा काम मेरे वार्ड में हुआ था. फिर भी चढ्डा रोड की सड़क बनवाई, हसन मंजिल की रोड का निर्माण कराया, दो मिनी ट्यूबवेल के साथ ही 150 स्ट्रीट लाइट और कई हाईमास्ट लगवाए. रानी मंडी, अतरसुईया पार्क का ब्यूटीफिकेशन कराया. बंगाली टोला में एक करोड़ की लागत से ब्यूटीफिकेशन वर्क की फाइल पेंडिंग में है.