- चार्ज छोड़ने के बाद देहरादून रवाना हुए वीसी गोयल

- बृहस्पति भवन में हुआ नए वीसा का अभिनंदन समारोह

MEERUT: सीसीएस यूनीवर्सिटी में मंगलवार को नए कुलपति प्रो। एनके तनेजा ने अपना कार्यभार ग्रहण कर लिया। पूर्व कुलपति वीसी गोयल ने उन्हें कार्यभार ग्रहण कराया। विवि में कुलपति बनने के बाद प्रो। तनेजा ने कहा कि परिसर में शैक्षणिक गुणवत्ता व शोध की गुणवत्ता सुधारने पर उनका पूरा जोर रहेगा।

मिले नए कुलपति

प्रो। एनके तनेजा ने प्रशासनिक भवन में कुलपति आफिस में सुबह 11 बजे बकौल कुलपति के तौर पर कार्यभार ग्रहण किया। उनके कार्यभार ग्रहण करने के बाद परिसर के शिक्षकों और कर्मचारियों की ओर से बधाई देने का सिलसिला चलता रहा। इसके बाद दोपहर साढ़े बारह बजे बृहस्पति भवन में वीसी गोयल के कार्यकाल पूरा करने और प्रो। तनेजा के कुलपति के तौर पर कार्यभार ग्रहण करने पर अभिनंदन समारोह हुआ।

शोध की गुणवत्ता सुधारने पर होगा जोर: प्रो। तनेजा

सीसीएसयू के नवनियुक्त कुलपति प्रो। एनके तनेजा ने कहा कि वह आज भी एक शिक्षक हैं। शिक्षक के रूप में सेवा करते हुए ही उन्हें आज यह जिम्मेदारी मिली है। वह विश्वविद्यालय और कॉलेजों में शिक्षा का स्तर और शोध की गुणवत्ता को सुधारना चाहते हैं। उनका पूरा जोर इसी ओर रहेगा।

टीचर्स का सहयोग चाहिए

बृहस्पति भवन में आयोजित अभिनंदन समारोह को संबोधित करते हुए कुलपति तनेजा ने कहा कि वह शिक्षा व शोध के स्तर में सुधार के लिए सभी शिक्षकों का सहयोग चाहेंगे। विवि में कुलपति के तौर पर वीसी गोयल के समय में कई सकारात्मक परिवर्तन हुआ है, शिक्षक परिवार में बढ़ोतरी हुई है, अच्छे शिक्षक चुनकर परिसर में आएं हैं। लेकिन अभी चिंता की बात है आज से तीस साल पहले शिक्षा और शोध का जो स्तर था, आज नहीं रहा, दोनों में भारी गिरावट आई है। हमें इसे सुधारने की जरूरत है। जिससे हमारी डिग्री का महत्व अन्य विश्वविद्यालयों से बेहतर हो सकें।

पूर्व वीसी ने गिनाई उपलब्धियां

पूर्व कुलपति वीसी गोयल ने अपने परिसर से विदा होने से पहले कहा कि परिसर की जो भी उपलब्धियां हैं, वह सभी टीम की बदौलत हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में पोटेशियल की कमी नहीं है, जरूरत है कि उसे सही दिशा देने की।

कुलपति के सामने ये चुनौतियां

- शिक्षा व शोध का स्तर सुधारना

- प्रवेश प्रक्रिया व परिणाम को नियमित करना

- आए दिन परिसर में अराजकता की स्थिति पर नियंत्रण

- विवि की डिग्री व मार्कशीट में फर्जीवाड़े पर रोक लगाना