-फील्ड कार्मिकों की आमसभा से एंबुलेंस सेवाओं पर पड़ा असर

-कर्मचारियों ने आर-पार की लड़ाई का किया ऐलान

सीएम के ओएसडी से प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात

देहरादून, राज्य में इमरजेंसी सेवा 108 के संचालन पर संशय बरकार है। इमरजेंसी सेवा के हटाये गये कर्मचारियों की राजधानी में प्रस्तावित आमसभा के कारण वेडनसडे को ज्यादातर सेवाएं प्रभावित रही। कर्मचारियों ने अपनी डिमांड को लेकर सचिवालय में सीएम के ओएसडी से मुलाकात की। ओएसडी ने सीएम के सामने मामला रखने का भरोसा दिया। टेंडर हासिल करने वाली नई कंपनी कैंप ने कहा है कि पहले मई से स्टेट में इमरजेंसी सेवा के संचालन के लिए पूरी तैयारियां हो चुकी हैं। कंपनी की नियम शर्तो के मुताबिक कर्मचारियों को कम से कम 12 हजार रुपए की सेलरी दी जा रही है। ट्रेनिंग भी जारी है।

कार्मिकों ने दी है कुछ दिनों की मोहलत

2008 से लगातार इमरजेंसी सेवा का संचालन हो रहा है। पीपीपी मोड में संचालित सेवा का जिम्मा जीवीके ईएमआरआई को सौंपा गया था। इस बार सरकार ने नई कंपनी कैंप को टेंडर सौंपा है, जो पहली मई से अपनी सेवा शुरू करने की तैयारी पर जुटी हुई है। इसके लिए एक माह से स्टाफ के लिए इंटरव्यू जारी हैं। कई बार वर्तमान कंपनी को संचालन के लिए एक्सटेंशन दिया जा चुका है, लेकिन इस बीच कई सालों से जीवीके ईएमआरआई के साथ जुड़े कर्मचारी नई कंपनी से जुड़ने को तैयार नहीं है। कर्मचारियों का कहना है कि जिस नई कंपनी कैंप को टेंडर दिया गया है, वह आधी सेलरी में कार्मिकों को ज्वाइन करने के लिए कह रहे हैं। कार्मिकों का कहना है कि सालों से सर्विस देने के बाद अब आधी सेलरी में काम करना उन्हें स्वीकार्य नहीं है।

सचिवालय कूच की परमिशन नहीं

इस समस्या को लेकर वेडनसडे को जीवीके ईएमआरआई के कर्मचारियों ने सचिवालय कूच का निर्णय लिया। लेकिन लोकसभा चुनाव के कारण प्रभावी आदर्श आचार की वजह से कर्मचारियों को सचिवालय कूच की परमिशन नहीं मिली। जिस कारण कार्मिकों ने सचिवालय कूच को सभी में तब्दील कर दिया। इस बीच कर्मचारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सचिवालय में सीएम के ओएसडी उर्बादत्त भट्ट से मुलाकात की और उनके सामने अपनी डिमांड रखी। 108 व खुशियों की सवारी फील्ड कर्मचारी संगठन के महासचिव विपिन जमलोकी ने बताया कि सीएम के ओएसडी ने भरोसा दिया है कि वे उनकी डिमांड को सीएम के सामने रखेंगे। इसके लिए सीएम के ओएसडी ने कुछ दिनों का वक्त मांगा है।

सरकार को दिया चार दिन का समय

संगठन के महासचिव विपिन जमलोकी का कहना है कि वेडनसडे को दून में आयोजित आम सभा के बाद 27 या 28 अप्रैल तक उनकी मांगों पर विचार न किया गया तो वे आगे चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति तैयार करेंगे। हालांकि प्रदेशभर से दून पहुंचे कर्मचारियों में से अधिकतर वापस लौट गए हैं, लेकिन जिलाध्यक्षों को दून में ही आगे की रणनीति के लिए रोका गया है।

अधिकतर एंबुलेंस ठप

कर्मचारियों की आम सभा के कारण वेडनसडे को एंबुलेंस व खुशियों की सवारी सेवा पर खासा असर देखने को मिला। 108 जीवीके ईएमआरआई के स्टेट हेड मनीष टिंकू ने बताया कि ज्यादा सेवाएं प्रभावित रही हैं। उम्मीद की जा रही है कि थर्सडे को सर्विसेस अप हो जाएंगी। वहीं संगठन के महासचिव विपिन जमलोकी का कहना है कि वेडनसडे को 25 प्रतिशत गाडि़यां चल रही हैं।

नई कंपनी का दावा, एक मई से काम

नई कंपनी कैंप के जीएम प्रदीप राय का कहना है कि कंपनी पहली मई से अपनी सेवाएं शुरू कर देगी। तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। साफ्टवेयर का ट्रायल जारी है, फील्ड में एंबुलेंस उतर चुकी हैं। अप्वाइंट कार्मिकों की ट्रेनिंग जारी है और क्वार्टर्ली ट्रेंनिंग जारी रहेगी। कैंप के जीएम ने बताया कि कंपनी की ओर से कम से कम 12 हजार सेलरी दी जा रही है। इनमें 40 परसेंट तक पुराने कर्मचारियों को लिया जा चुका है। वेडनसडे को ही 5-6 कार्मिक इंटरव्यू देने पहुंचे।

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कर्मचारियों की आम सभा के कारण वेडनसडे को असर जरूर दिखा, लेकिन थर्सडे को एंबुलेंस का संचालन बेहतर होने की उम्मीद है। जीवीके ईएमआरआई 30 अप्रैल तक ही अपनी सेवा दे पाएगी।

-मनीष टिंकू,

स्टेट हेड जीवीके ईएमआरआई।

वर्तमान कर्मचारी जो सैलरी कम होने की बात कह रहे हैं, उसमें कंपनी अपने बजट के मुताबिक सैलरी मुहैया कराने को तैयार है। 40 परसेंट तक पुराने कर्मचारी ज्वाइनिंग देने को तैयार है। पहली मई से सर्विस देने के लिए कैंप तैयार है।

-प्रदीप राय, जीएम, कैंप।

सरकार को अपना ज्ञापन सौंपा है। कुछ दिनों के बाद आगे के चरणबद्ध आंदोलन पर जल्द निर्णय लिया जाएगा। कर्मचारियों की केवल अब तक मिलने वाले वेतन व सुविधाओं को दिए जाने की डिमांड है।

-विपिन जमलोकी, महासचिव, फील्ड कर्मचारी संगठन।