क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ : रिम्स में मरीजों के डायट पर डाका डालने का सिलसिला फिर शुरू हो गया है. हॉस्पिटल में जिन मरीजों को लिक्विड डायट दिया जाना है, उन्हें पिछले दो दिनों से प्रोटीन पाउडर नहीं परोसा जा रहा है. किचन संचालन करने वाली एजेंसी द्वारा मरीजों को प्रोटीन पाउडर नहीं दिए जाने का मामला जब हॉस्पिटल मैनेजमेंट के पास पहुंचा तो डाइटिशियन ने न सिर्फ एजेंसी के दो दिनों का पैसा काटने का निर्देश दिया, बल्कि व्यवस्था नहीं सुधारने पर कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी.

बीमारी के हिसाब से डाइट

हॉस्पिटल में मरीजों को डाइट देने का काम दिल्ली की प्राइम किचन सर्विसेज को दिया गया है. जो मरीजों को सुबह से लेकर रात तक खाना मरीजों के बेड पर उपलब्ध करा रही है. इसके लिए प्रति मरीज एजेंसी को 100 रुपए हर दिन पेमेंट किया जाता है. जहां बीमारी के हिसाब से मरीजों का डाइट चार्ट है. ऐसे में लिक्विड डाइट वाले मरीजों को दूध प्रोटीन पाउडर के साथ, लस्सी, दाल का पानी, सूप, मिल्क शेक, जूस दिया जाता है. वहीं सॉफ्ट डाइट वालों को खिचड़ी, सब्जी, दही, पनीर करी मिलता है. इसके अलावा डाइबिटीज वालों को रोटी, दाल, सब्जी, दही और पनीर करी परोसा जाता है.

पहले भी डायट में डंडी मारने का आ चुका है मामला

रिम्स में किचन का जिम्मा संभाल रही प्राइम सर्विसेज के खिलाफ पहले भी मरीजों के डायट में डंडी मारने, सड़ा-गला फल परोसने व अन्य कई शिकायतें मिल चुकी हैं. इस बाबत न सिर्फ भोजन के सैंपल की जांच कराई गई, बल्कि एजेंसी को फटकार लगाने के साथ जुर्माना भी लगाया जा चुका है, लेकिन इसके बाद भी एजेंसी द्वारा मरीजों के भोजन की खराब क्वालिटी व उसमें कटौती किए जाने का मामला लगातार सामने आ रहा है.