-पीयू में शिक्षकों की घोर कमी, लेकिन वीसी कह रहे पढ़ाई पर इसका कोई प्रभाव नहीं

PATNA: पटना यूनिवर्सिटी में न्यू सेशन से पढ़ाई शुरू होने वाला है। लेकिन वर्तमान में शिक्षकों की घोर कमी है। स्थिति यह है कि एक टीचर पर करीब 81 छात्रों को पढ़ाने का जिम्मा है। कुछ रिटायर्ड शिक्षक, एडहॉक शिक्षक आदि की मदद लेने के बाद भी शिक्षकों की कमी का हल नहीं निकल रहा है। ऐसी स्थिति में क्वालिटी एजुकेशन कैसे होगा इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। प्रति वर्ष बड़ी संख्या में शिक्षक रिटायर हो रहे हैं और नए शिक्षक सीमित संख्या में ही आ रहे हैं। राज्य सरकार की उपेक्षापूर्ण नीति के कारण पीयू समेत अन्य यूनिवर्सिटी में यही हाल है।

सरकार बन रही अनजान

पटना यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (पूटा) के अध्यक्ष डॉ रणधीर कुमार सिंह ने कहा कि इस बार तीन करोड़ रुपये सिर्फ एडमिशन फार्म से आया है। ऐसे में छात्रों की संख्या और बढ़ने की संभावना है। यहां रूटीन शिक्षण कार्य के अतिरिक्त अन्य कार्य भी शामिल हैं। ऐसे में शिक्षण कार्य गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है। उन्होंने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि स्टेट यूनिवर्सिटी राज्य में दम तोड़ रहा है। शिक्षकों की घोर कमी है। क्योंकि सरकार इसकी भयावहता का आंकलन नहीं कर पा रही है। जबकि वीसी डॉ रास बिहारी प्रसाद सिंह ने कहा कि शिक्षकों की कमी से पढ़ाई प्रभावित नहीं हो रही है।

बांग्ला-अरबी में एक भी टीचर नहीं

पीयू से मिली जानकारी के अनुसार यहां के कई विभाग किसी तरह से चल रहा है। इसमें बांग्ला विषय में पीजी के लिए कोई शिक्षक नहीं हैं। पटना कॉलेज में अरबी भाषा की पढ़ाई के लिए खास तौर पर जाना जाता था। वर्तमान में इस विभाग में एक भी शिक्षक नहीं हैं। फिलहाल पीयू के किसी भी कॉलेज में संस्कृत के एक भी शिक्षक नहीं है। पटना कॉलेज में इतिहास के मात्र तीन शिक्षक हैं। जिसमें यूजी और पीजी दोनो लेवल शामिल है। इन बातों की पुष्टि पूटा की ओर से भी की गई है।

तीन साल में भी नहीं सुधरी स्थिति

पूटा अध्यक्ष डॉ रणधीर कुमार सिंह ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद से अब तक 61 शिक्षकों ने ज्वॉइन किया जबकि 94 शिक्षक जो पहले से यहां पढ़ा रहे थे, वे रिटायर हो गए। इसके बाद जब शिक्षकों की मांग की गई तो उसे पूरा करने की दिशा में भी कोई ठोस कार्य नहीं हो पाया है। यह सवाल लाजमी है कि कैसे यहां छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जाएगी। उधर, बीपीएससी के द्वारा शिक्षकों की नियुक्तिप्रक्रिया करीब तीन साल से अधिक समय से जारी है।

द्यपीयू में सैंक्संड टीचिंग पोस्ट - 810

116 पार्ट टाइम टीचर होंगे बहाल

पटना यूनिवर्सिटी के विभिन्न विभागों में 116 शिक्षकों की बहाली की जाएगी। ये पार्ट टाइम शिक्षक होंगे। इससे पहले इन सभी शिक्षकों का प्रोपर डाक्यूमेंट वेरीफिकेशन और इंटरव्यू आदि हो चुका है। डॉ रास बिहारी प्रसाद सिंह ने कहा कि चुनाव के बाद इन सभी की बहाली की जाएगी। इन्हें प्रति माह अधिकतम 25 हजार रुपये दिया जाएगा।