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RANCHI: राजधानी में 2500 अमीर लोगों ने जालसाजी कर सरकार से लाल और पीला राशन कार्ड लिया है. यह खुलासा जिला प्रशासन के राशन कार्ड जांच के दौरान हुआ है. वैसे यह 2500 का आंकड़ा अभी पहले ही चरण का है. अधिकारियों का दावा है कि अभी कई हजार लोग फर्जी कार्डधारी बनकर गरीबों का हक मार रहे हैं.

हो रहा आइडेंटिफिकेशन
प्रशासन ने पहले चरण में 2500 लोगों को घोषित अमीर बताते हुए उन्हें कार्ड सरेंडर करने के लिए कानूनी नोटिस जारी कर दिया है. आपूर्ति कार्यालय ने धोखाधड़ी करके गलत शपथ पत्र पर लाल या पिला कार्ड लेकर गरीबो का हक मारने वाले ऐसे लोगों पर ठोर्स कार्रवाई शुरू कर दिया है.

नहीं किया कार्ड सरेंडर तो जेल
झारखण्ड कंट्रोल ऑर्डर 2017 के अनुसार, अगर जिला प्रशासन द्वारा नोटिस जारी करने के बाद आरोपी पक्ष को अपना पक्ष रखते हुए कार्ड को सरेंडर कर देना है. यदि ऐसा नहीं होता और आरोपी पर लगे आरोप सत्य पाये जाने पर ऐसे कार्डधारियों पर मुकदमा किया जा सकता है. जुर्माना लगाया जा सकता है तथा लिए गए आनाज की ब्याज समेत वसूली की जा सकती है.

75 हजार जरूरतमंद राशन से वंचित
विदित हो कि जिला में करीब 75 हजार लोगों ने ऑनलाइन आवेदन किया है. इसमें अनेक परिवार बेहद जरूरतमंद हैं, जिन्हें रिक्ति नहीं रहने के कारण कार्ड उपलब्ध नहीं किया जा रहा है. अवैध तरीके से कार्ड लेने वाले लोगों द्वारा सरेंडर कर देने से इन जरूरतमंद लोगों के नाम से राशन कार्ड जारी किए जा सकते हैं.

गलत जानकारी देकर कई लोगों ने लाल -पीला राशन कार्ड ले लिया है. इन सम्पन्न लोगों को कार्ड सरेंडर करने के लिए जुलाई माह का समय दिया गया था, लेकिन कार्ड सरेंडर नहीं किया गया. ऐसे लोगों की पहचान कर उन्हें नोटिस भेजा गया है और जल्द ही प्राथमिकी की कार्रवाई की जाएगी.
आर महिमापत रे, डीसी, रांची