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बुधवार की रात विवि की दीवारों व ऐतिहासिक इमारतों पर लिखे गए थे लाल रंग में शर्मनाक स्लोगन

कैम्पस में लगा है सीसीटीवी, सेना के रिटायर्ड जवानो के भरोसे है सुरक्षा का जिम्मा

vikash.gupta@inext.co.in

ALLAHABAD: पूरब का आक्सफोर्ड सेंट्रल यूनिवर्सिटी इलाहाबाद देश की सबसे ज्यादा अशांत यूनिवर्सिटी बन चुका है. लम्बे समय से बवाल, हंगामा, बमबाजी और गोलीबारी की घटनाएं हो रही हैं. इस पर रोक लगा पाना सरकार के लिए भी मुश्किल हो रहा है.

शिक्षकों के प्रति आपत्तिजनक बात

इविवि में मौजूदा बवाल वीसी प्रो. रतन लाल हांगलू को लेकर चल रहा है. इसे लेकर कैंपस में अशांति है. बुधवार की रात्रि कैम्पस के भीतर एक ऐसी घटना घटी जिसके बारे में किसी ने कल्पना नहीं की थी. विवि की दीवारों और इमारतों पर वीसी को रेपिस्ट और बलात्कारी (ऐसा कोई भी आरोप उनपर नहीं है) तक लिख दिया गया. इसके साथ ही सेव डॉटर, वीसी के दलालों शर्म करो के साथ कुछ वरिष्ठ शिक्षकों के बारे में आपत्तिजनक बातें लिख दी गई. विवि में किसी भी वीसी को लेकर इस तरह की घटना पहले हुई है? ऐसा किसी के जानकारी में भी नहीं है.

खतरे का संकेत है लाल रंग

विवि कैम्पस में जगह जगह सीसीटीवी कैमरे लगे हैं. सेना के रिटायर्ड जवानो पर यहां की सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा है. बावजूद इसके जगह-जगह लाल पेंट से गंदी बात लिखने वालों को ट्रेस नहीं किया जा सका. जानकारों का कहना है कि शरारती तत्वों ने जानबूझकर लाल रंग का यूज किया. लाल रंग खतरे का संकेत है और क्रांति के चिन्ह के तौर पर भी इसे यूज किया जाता रहा है. सूत्रों के अनुसार इस काम को वेल प्लांड तरीके से अंजाम दिया गया है. इसके माध्यम से मौजूदा हालातों में वीसी को संदेश देने की कोशिश की गई है. कहा जा रहा है कि दीवारों पर लिखने वाला भी कोई एक्सपर्ट ही रहा होगा. जिसने कम समय में ज्यादातर जगहों पर साफ और बोल्ड अक्षरों में अपने काम को अंजाम दिया.

दोषियों की पहचान करके सख्त कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल सबकुछ मिटा दिया गया है. यह विवि को अशांत करने की कोशिश है. दीवारों पर आपत्तिजनक बातें लिखकर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई है.

डॉ. चित्तरंजन कुमार,

जनसंपर्क अधिकारी इविवि