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LUCKNOW: सूबे की कानून-व्यवस्था की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा दो दिन पहले की गयी समीक्षा का असर दिखना शुरू हो गया है। राज्य सरकार ने शुक्रवार को डीजी कानून-व्यवस्था के पद पर तैनात आनंद कुमार को हटाकर वाराणसी जोन के एडीजी पीवी रामाशास्त्री को सूबे का नया एडीजी कानून-व्यवस्था बना दिया। वहीं आनंद कुमार को डीजी जेल के पद पर भेजा गया है। बीते कई दिनों से आए दिन जेलों में सामने आ रही गड़बडिय़ों की गाज एडीजी जेल चंद्रप्रकाश फस्र्ट पर गिरी है। उनका तबादला एडीजी रूल्स एंड मैनुअल के पद पर किया गया है जो पुलिस विभाग में महत्वहीन पद माना जाता है। इसके अलावा तीन अन्य आईपीएस अफसरों को भी इधर से उधर किया गया है।

ब्रजभूषण को भेजा वाराणसी

इसी तरह सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) में तैनात एडीजी बृजभूषण शर्मा को वाराणसी जोन का नया एडीजी बनाया गया है। वे इससे पहले भी वाराणसी के आईजी रह चुके है। वहीं भर्ती बोर्ड में तैनात एडीजी दीपेश जुनेजा को एडीजी सुरक्षा के पद पर भेजा गया है जबकि एडीजी सुरक्षा विजय कुमार को भर्ती बोर्ड का एडीजी बनाया गया है। खास बात यह है कि विजय कुमार भर्ती बोर्ड के डीजी आरके विश्वकर्मा के बैचमेट हैं हालांकि आरके विश्वकर्मा को पहले डीजी बनने का मौका मिल गया था। एक ही बैच के होने की वजह से विजय कुमार की तैनाती को लेकर सवाल भी उठने लगे हैं। गृह विभाग के सूत्रों की मानें तो जल्द ही तमाम एडीजी, आईजी और डीआईजी के तबादले भी होने हैं। इसके लिए अफसरों की फेहरिस्त तैयार की जा रही है।
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पहली बार डीजी को जेल की कमान

योगी सरकार में जेल से भीतर बदमाशों ने अपनी हरकतों से पुलिस को चुनौती देने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जिसे लेकर देश भर में यूपी की जेलें सुर्खियों में रही। यही वजह है कि राज्य सरकार ने पहली बार किसी डीजी स्तर के अधिकारी को जेल महकमे की जिम्मेदारी सौंपी है। अब तक जेल महकमे के डीजी पद की जिम्मेदारी आईएएस अफसर को दी जाती रही है।

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