- पैमाइश के लिए पहुंची राजस्व और पीडब्ल्यूडी की संयुक्त टीम

- जुलाई माह में हुई थी रजिस्ट्री मूल्यांकन के लिए नहीं भेजी रजिस्ट्री

आगरा. लम्बे समय से बंद पड़े शहर के अंजना टाकीज की वैल्यू अब ऑटो कैड से पता की जाएगी. अंजना टॉकीज की रजिस्ट्री में स्टाम्प चोरी हुई है. इस मामले को एआईजी स्टाम्प ने दबाने का प्रयास किया गया. इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई गई. जिलाधिकारी ने मामले में जांच बिठा दी. गुरुवार को राजस्व और पीडब्ल्यूडी की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची. पैमाइश कर ली गई है. बिल्डिंग की वैल्यूएशन निकाले जाने के लिए ऑटो कैड का इस्तेमाल किया जा रहा है,

नीयत में था खोट

अंजना टॉकीज की जुलाई माह में रजिस्ट्री हुई थी. जो बड़ी रजिस्ट्री होती हैं, उन्हें मूल्यांकन के लिए जिलाधिकारी के पास भेजा जाता है. लेकिन एआईजी स्टाम्प निरंजन कुमार ने इस रजिस्ट्री को जिलाधिकारी के पास मूल्यांकन के लिए नहीं भेजा गया. इसे दवा लिया गया. इससे साफ है कि एआईजी निरंजन कुमार की नीयत में कहीं न कहीं खोट था. इस रजिस्ट्री की जिलाधिकारी से शिकायत की गई. जिलाधिकारी एनजी रवि कुमार ने तीन सदस्यी टीम का गठन कर जांच बिठा दी. जांच टीम में अपर जिलाधिकारी प्रशासन निधि श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व और अपर जिलाधिकारी नगर केपी सिंह को रखा. गुरुवार को अपर जिलाधिकारी प्रशासन निधि श्रीवास्तव ने राजस्व और पीडब्ल्यूडी की टीम को पैमाइश के लिए भेजा. टीम ने पैमाइश कर ली है. रिपोर्ट तैयार की जा रही है. बिल्डिंग की कीमत निकाले जाने के लिए पीडब्ल्यूडी ऑटो कैड का प्रयोग करने जा रही है. इससे साफ साफ बिल्डिंग की कीमत निकाल दी जाएगी.

करीब 20 लाख की कमी दिखा दी

जिलाधिकारी से शिकायत हुई. जांच के आदेश जैसे ही डीएम ने दिए तो आनन फानन में एआईजी स्टाम्प निरंजन कुमार ने करीब 20 लाख की स्टाम्प कमी की रिपोर्ट भेज दी. बावजूद इसके जिलाधिकारी जांच करा रहे हैं. स्टाम्प चोरी कितने की हुई है, यह तो रिपोर्ट आने के बाद ही तय हो सकेगा. लेकिन टीम ने यह तो मान लिया है कि स्टाम्प चोरी करीब करीब 20 लाख की हुई है.

वर्जन

मैने पैमाइश के लिए गुरुवार को टीम भेजी है. स्टाम्प चोरी कितने की हुई है, इस संबंध में सभी रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा.

निधि श्रीवास्तव

एडीएम, प्रशासन