आयुध निर्माण फैक्ट्री एरिया में रहने वालों का नाम वोटर लिस्ट से हटाने की तैयारी

रक्षा मंत्रालय के एरिया का स्थानीय निकाय चुनाव से संबंध नहीं होने का हवाला

जीएम के पत्र पर चुनाव आयोग कर रहा मशक्कत, प्रत्याशियों का विरोध

देहरादून

निकाय चुनाव में देहरादून में रक्षा मत्रांलय की आयुध निर्माण फैक्ट्री एरिया में रहने वाले मतदाताओं के वोटिंग राइट पर तलवार लटक गई है. इस बार नगर निगम के सीमा विस्तार के दौरान वार्ड 66 रायपुर में ऑर्डिनेंस फैक्ट्री की आवासीय कॉलोनी के करीब 350 वोटर्स को शामिल किया गया था. नगर निगम की वोटर लिस्ट में इनके नाम भी हैं, लेकिन फैक्ट्री प्रबंधन ने इनके वोट पर रोक लगाने के लिए निर्वाचन आयोग को पत्र लिख दिया. पत्र में अति संवेदनशील एरिया होने व ऑर्डिनेंस फैक्ट्री कैंपस के विकास कार्यो का निकायों से कोई लेना देना न होने का हवाला देते हुए यहां के वोटर्स का नाम लिस्ट से हटाने की रिक्वेस्ट की गई है. दूसरी तरफ इस वार्ड से इलेक्शन में खड़े प्रत्याशियों का दावा है कि मतदाता सूचियों में जिन लोगों के नाम के आगे बंगला एरिया लिखा है उनमें अधिकतर रायपुर क्षेत्र के रहने वाले हैं, उनका नाम हटाया गया तो बड़ी में संख्या में वोटर्स अपने अधिकार से वंचित रह जाएंगे. ऐसे में निर्वाचन आयोग को बहुत ही सोच-समझकर निर्णय लेना चाहिए.

हथियार बनाने वालों के अधिकार पर यूं लटकी तलवार:

आयुध निर्माण फैक्ट्री एरिया के मतदाता लोकसभा और विधानसभा चुनाव में वोट करते आ रहे हैं, पहली बार इन्हें निकाय चुनाव में शामिल किया गया था. आयुध फैक्ट्री एरिया में पोलिंग बूथ भी तय किया गया था. लेकिन फैक्ट्री के जीएम ने निर्वाचन आयोग को इन वोटर्स के नाम लिस्ट से बाहर करने और फैक्ट्री एरिया में वोटिंग नहीं कराने का पत्र लिखा है. उनका तर्क है कि ऑर्डिनेंस फैक्ट्री एरिया में स्थानीय निकाय और उनके विकास में कोई योगदान नहीं होता. ऐसे में यहां निकाय चुनाव कराने का कोई औचित्य नहीं है. एक तरफ देश में सभी नागरिकों को तीन स्तर पर वोटिंग का राइट दिया गया है. लोकसभा, विधानसभा और स्थानीय चुनाव स्थानी निकाय या पंचायत. लेकिन दून में आयुध फैक्ट्री एरिया में निवास करने वाले उन लोगों के मतदान अधिकार पर तलवार लटक गई है जो देश की रक्षा के लिए हथियार बनाते हैं.

आयुध फैक्ट्री और वोटिंग राइट का मामला:

दून में रक्षा मंत्रालय की आयुध निर्माण फैक्ट्री वर्ष 1943 में खुली थी. इसमें बाइनाकूलर बनाए जाते थे. बाद में इसका विस्तार कर यहां टैंक निर्माण भी शुरू हो गया. ऐसे में अब दो आयुध निर्माणी हैं. दोनों के आवासीय परिसर में ऑफिसर्स रेजिडेंस एरिया को बंगला एरिया और इंप्लाइज रेजिडेंस एरिया को इस्टेट कहते हैं. बंगला एरिया में करीब 100 से अधिक परिवार और इस्टेट एरिया में करीब 1000 परिवार निवास करते हैं.दोनों में मिलाकर करीब 2500 वोटर हैं. लोकसभा और विधानसभा चुनाव में यहां खूब वोटिंग होती है. करीब 35 वर्ष पहले इस एरिया को पंचायत चुनाव की वोटर लिस्ट में शामिल कर लिया गया था, तब भी हटना पड़ा. अब दूसरी बार देहरादून नगर निगम की सीमा विस्तार के दौरान रायपुर ग्राम पंचायत को निकाय सीमा में शामिल करते हुए नया वार्ड बनाया गया है. नए वार्ड का नाम रायपुर और नंबर 66 है. इसकी मतदाता सूची में करीब 750 से अधिक मतदाताओं का निवास बंगला एरिया लिखा है. आयुध फैक्ट्री के बंगला एरिया में करीब 100 परिवारों में इतने वोटर कैसे हो सकते हैं, यह भी बड़ा सवाल है.

पार्षद प्रत्याशी बोले:

आयुध फैक्ट्री एरिया में चुनाव प्रचार की अनुमति मांगने गया था, वहां के जीएम ने मना कर दिया. ऐसे में वहां के वोटर्स तक अपनी बात पहुंचाने में ही परेशानी हो रही है.अब उनके नाम हटाने की चर्चाओं से परेशानी और बढ़ेगी:

कपिल धर

भाजपा

मतदाता सूची में आयुध फैक्ट्री के बंगला क्षेत्र से जिन मतदाताओं का नाम हटाने की तैयारी चल रही है, उनमें अधिकतर रायपुर क्षेत्र के हैं, ऐसे में बंगला एरिया वाले सब नामों को हटाया गया तो बड़ी संख्या में वोटर्स अपने अधिकारी से वंचित रह जाएंगे.

अजय डोभाल, कांग्रेस प्रत्याशी

आयुध निर्माण फैक्ट्री एरिया में रहने वालों के मतदाता सूची में नाम शामिल होने और उनके वोटिंग राइट को लेकर आयुध फैक्ट्री प्रबंधन का पत्र निर्वाचन आयोग को मिला है. इस संबंध में वोटर लिस्ट व दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है.

बीर सिंह बुदियाल, उप जिला निर्वाचन अधिकारी