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GORAKHPUR: लोकसभा चुनाव की सरगर्मी बढ़ने के साथ ही यंग वोटर्स यानि मिलेनियल्स भी एक साफ सुथरी और युवा सोच वाली सरकार चुनने के लिए तैयार हैं. राजनीतिक पार्टियां जहां जोर आजमाइश में जुटी हैं वहीं युवाओं ने भी अपनी पसंद की सरकार चुनने के लिए कमर कस ली है. दैनिक जागरण आई नेक्स्ट और रेडियो सिटी की तरफ से ऑर्गनाइज राजनी-टी का मंच शुक्रवार को जिला महिला अस्पताल में 100 बेड वाले मैटरनिटी विंग के हॉल में सजा तो आउट सोर्सिग, रोजगार और ट्रैफिक व्यवस्था जैसे मुद्दे छाए रहे. मिलेनियल्स ने आउट सोर्सिग प्रथा को समाप्त कर नौकरियों का नियमित करने वाली सरकार को ही चुनने की बात की तो वहीं सेल्फ इंप्लॉइमेंट को प्राथमिकता की भी बात उठी.

मिले रोजगार तो बने बात
प्रोग्राम का संचालन कर रहे आरजे प्रतीक ने सबसे पहले सभी को मिलेनियल्स का मतलब समझाया. इसके बाद जब मुद्दों पर बात हुई तो आउट सोर्रि्सग, रक्षा बजट, ट्रैफिक व्यवस्था के अलावा सेल्फ इंप्लॉइमेंट आदि मुद्दों पर युवाओं ने बेबाकी से अपनी बात रखी. सत्यम चौहान ने कहा कि हमारा वोट उसे ही जाएगा जो युवा और कर्मचारियों के भविष्य के बारे में सोचे. साथ ही युवाओं को रोजगार देने की बात करे. रोजगार सिक्योर होगा तभी बेरोजगारी खत्म होगी.

युवाओं का साथ दे सरकार
विकास सिंह ने कहा कि सरकार हर क्षेत्र में विकास कर रही है लेकिन युवाओं के बारे में नहीं सोच रही. शिक्षा हासिल कर आउट सोर्सिग के तहत ज्वॉइनिंग कराई जा रही और कुछ समय बाद ही नौकरी से निकाल दिया जा रहा है. सरकार अदर युवाओं का साथ दे तभी युवा उनका साथ देंगे.

हो रहा युवाओं का शोषण
सूरज गुप्ता ने कहा कि युवाओं को आउट सोर्सिग की ओर धकेला जा रहा है. पहले सरकार पीपीपी मॉडल लेकर आई. युवाओं को रोजगार दिए जा रहे हैं फिर छीन लिए जा रहे हैं. इसी का नतीजा है कि युवा अपनी नौकरी को लेकर सिक्योर नहीं हैं. सरकार युवाओं को शोषण कर रही है. सरकार व‌र्ल्ड बैंक से फंडिंग कराकर योजनाएं लाती हैं और 20 से 25 हजार रुपए वेतन के नाम पर कर्मचारियों की कटौती करती है. आने वाली सरकार से यहीं उम्मीद है कि वह यूथ की समस्याओं पर विचार करें और शिक्षा के साथ रोजगार के रास्ते खोले. यूथ को रोजगार मिलेगा तो खुशहाली आएगी और देश उन्नति की ओर अग्रसर होगा.

सभी मुद्दों पर चर्चा जरूरी

 


चर्चा में यूथ ने एक सुर में कहा कि किसी की भी सरकार हो वे रोजगार और आउट सोर्सिग प्रथा को समाप्त करने के लिए ठोस कदम उठाएं व युवा का भविष्य संवारें. क्योंकि युवा ही देश के विकास में मददगार साबित होता है.

मेरी बात
देश में बेरोजगारी चरम पर है लेकिन इस क्षेत्र में सुधार के लिए कोई ध्यान नहीं दे रहा है. स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए सरकारी अस्पताल खोले जा रहे हैं लेकिन वहां मानव संसाधन की बेहद कमी है. आउट सोर्सिग पर जिन कर्मचारियों की तैनाती की जा रही है उन्हें महज तीन साल का ही मौका दिया जाता है. हर साल उनकी सेवा समाप्त होती है और उन्हें नोटिस देकर बाहर का रास्ता दिखाया जाता है. इसलिए सरकार को चाहिए कि इन नौकरियों को नियमित करें और उसकी समय अवधि बढ़ाई जाए. जिससे उन्हें अपनी नौकरी जाने का डर न रहे और उनका शोषण न हो सके. जिस प्रकार से सभी सरकारी और गैर सरकारी विभागों में योग्यता अनिर्वाय है. ठीक इसी प्रकार अन्य नौकरियों में शैक्षिक योग्यता निर्धारित कर प्रतियोगी परीक्षा आयोजित किए जाने चाहिए.
अमन अग्रवाल

कड़क मुद्दा
देश के सबसे कड़क मुद्दे की बात करें तो रक्षा बजट और विज्ञान के क्षेत्र में सरकार को आगे आने की जरूरत है. तभी देश का विकास होगा और आतंकवाद की गतिविधियों पर नकेल कसी जा सकेगी. आउट सोर्सिग से नौकरियां तो मिल रही है लेकिन कर्मचारी इससे खुश नहीं है. सरकार को चाहिए कि इसे खत्म कर युवा के बारे में सोचें और सरकारी नौकरी में आउट सोर्सिग समाप्त करें ताकि सरकारी विभागों में बेहतर कार्य हो सके.

सतमोला खाओ, कुछ भी पचाओ
युवाओं को रोजगार मिलता है फिर उनसे छीनने का प्रयास किया जाता है. इसके चलते बेरोजगारी का ग्राफ तेजी से बढ़ता जा रहा है. सरकार को चाहिए कि इस पर अंकुश लगाकर रोजगार में वृद्धि करें. साथ ही निजी कंपनी द्वारा आउट सोर्सिग पर तैनात कर्मचारियों की नौकरियों को सिक्योर किया जाए. इसके अलावा विकास मे गति लाएं. साथ ही सरकार को चाहिए कि निजी कंपनी से सरकारी विभागों में तैनात कर्मचारियों की नौकरी रेग्युलर करें जिससे बेरोजगारी खत्म होगी.

सरकारी अस्पताल में ज्यादातर कर्मचारी आउट सोर्रि्सग पर काम कर रहे हैं. जबकि उन्हें नोटिस देकर बाहर का रास्ता दिखा दिया जा रहा है. हम वहीं सरकार चाहते हैं जो कर्मचारियों के हित के बारे में सोचे.

सूरज गुप्ता

सरकार वही चाहिए जो रक्षा और विज्ञान के क्षेत्र में काम करें. रक्षा क्षेत्र में बजट बढ़ाया जाए, क्योंकि देश में आतंकवाद एक बड़ा मसला है.

- राघवेंद्र कुमार

सरकार कर्मचारियों को नियमित करें. आउट सोर्सिग समाप्त कर कर्मचारियों के बारे में सोचे उसकी को वोट करेंगे.

- विकास सिंह

कर्मचारी तीन साल तक काम करते हैं. इसके बाद बेरोजगार कर दिया जाता है. 30 या 60 साल के लिए स्थाई करें. पीपीपी माडल अच्छा चल रहा है लेकिन हमें स्थाई नौकरी चाहिए.

- महेश तिवारी

देश में रोजगार पहली प्राथमिकता है. निश्चित तौर पर सरकार ने अच्छे कार्य किए हैं. सरकार को चाहिए कि वह युवाओं के बारे में सोचे जिससे देश का विकास हो.

- मनोज यादव

मेरा वोट उसी को जाएगा तो आउट सोर्सिग समाप्त कर नौकरियों को नियमित करें. सरकारी कर्मचारियों से ज्यादा आउट सोर्सिग पर तैनात कर्मचारी कार्य करते हैं लेकिन उन्हें वेतन काफी कम दिया जाता है. सरकार को इस पर विचार करना चाहिए.

- बासुकिनाथ तिवारी

सरकारी विभागों में रोजगार तो मिल रहा है लेकिन एक से दो साल बाद उन्हें नोटिस देकर निकाल दिया जा रहा है. सरकार आउट सोर्सिग प्रथा को समाप्त कर नौकरी के लिए आगे का रास्ता खोले जिससे कर्मचारियों को राहत मिले.

- मीरा राय

आज की राजनीति को सशक्तत करने के लिए यूथ को मजबूत करना होगा. देश के विकास में यूथ ही रीढ़ हैं. इसलिए विकास परक सरकार चाहिए तो सिर्फ योजनाएं नहीं बल्कि योजनाओं के विकास कार्य भी होने चाहिए. जिससे यूथ को रोजगार मिल सके.

शालिनी

जो यूथ के रोजगार संबंधी बाते करेगा उसे ही मेरा वोट जाएगा. क्योंकि यूथ ही देश का भविष्य है. अगर वह मानसिक और आर्थिक रूप से सक्षम नहीं होगा तो विकास कार्य में बाधा उत्पन्न होगी. ऐसे में यूथ के रोजगार संबंधी मुद्दों पर सरकार को विचार करना होगा.

यासमीन