LUCKNOW : किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के मेडिकोज पर एक बार फिर रैगिंग के संगीन आरोप लगे हैं। 2017 बैच के आठ छात्रों ने 2016 के 11 व 2015 बैच दो एमबीबीएस छात्रों पर रैगिंग के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए चीफ प्रॉक्टर ने तुरंत से सभी आरोपी छात्रों को हॉस्टल से बाहर करते हुए क्लासेज करने पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी का गठन भी किया गया है।

छात्र की मां ने की शिकायत

2017 बैच के एक छात्र की डॉक्टर मां ने बीती 13 मई को केजीएमयू प्रशासन से रैगिंग की शिकायत की थी। जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि सीनियर्स ने उनके बेटे और सात अन्य स्टूडेंट्स के साथ रैगिंग की है। शिकायत में उन्होंने कहा कि उनके बेटे व उसके साथियों को फोन करके सीनियर्स ने सरदार पटेल हॉस्टल के पीछे की ओर बुलाया था। जहां पर उनकी रात 10 बजे से लेकर तड़के तीन बजे तक रैगिंग की गई। सभी छात्रों के साथ मारपीट की गई और प्रताडि़त किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने कार्रवाई शुरू कर दी है।

पीडि़तों ने की लिखित शिकायत

मामले के सामने आने पर प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने सभी पीडि़त स्टूडेंट्स से पूछताछ की जिसके बाद सभी छात्रों पूरे घटना क्रम की बुधवार को लिखित शिकायत की। जिसमें रोहन सिंह, अनुराग कुमार, प्रभव मिश्रा, मो। तौकिर अनवर, तन्मय गुप्ता, प्रथम बक्शी, विकास वर्मा, शशांक साहू ने सीनियर्स पर रैगिंग किए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा है कि 12 मई को उन्हें रात दस बजे बुलाया गया था। 2016 व 2015 के सीनियर्स द्वारा दिए गए आदेश को वे टाल नहीं सके। जिसके बाद न सिर्फ उनकी रैगिंग करते हुए प्रताडि़त किया गया बल्कि उन्हें बंधक बनाए रखा गया।

13 सीनियर्स पर गंभीर आरोप

एमबीबीएस 2016 बैच के प्रखर केसरवानी, स्रजल गुप्ता, ऋषि गुप्ता, उत्कर्ष सेंगर, दिलीप कुमार गौतम, क्षितिज सिंह, सुशांत कुमार, अनुराग यादव, गोपाल बाबू, सचिन शाक्या, अंशुल कुमार और 2015 बैच के प्रखर मिश्रा व सूर्याश चौरसिया पर आरोप लगे हैं।

फैक्ट फाइल

- 13 मई को मेडिकोज की रैंगिंग

- 08 मेडिकोज को बनाया सीनियर्स ने शिकार

- 05 घंटे तक करने रहे प्रताडि़त

- 13 सीनियर स्टूडेंट्स पर लगे आरोप

क्लास और हाॅस्टल से किए गये बेदखल

चीफ प्रॉक्टर ने आदेश जारी कर सभी को 24 घंटे के अंदर हॉस्टल खाली करने आदेश दिए हैं। साथ ही जांच चलने तक सभी को क्लास में प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। विभागाध्यक्ष पैथोलॉजी, फार्माकोलॉजी, फॉरेंसिक मेडिसिन, माइक्रोबायोलॉजी, को इन सभी छात्रों को क्लास में बैठने पर रोक लगाने के आदेश दिए गए हैं.

ये कमेटी करेगी जांच

डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ। जीपी सिंह की अध्यक्षता में डॉ। अनूप वर्मा, डॉ। आनंद श्रीवास्तव, प्रो। सुजाता देव, प्रो। नंदलाल की कमेटी जांच करेगी। सूत्रों के मुताबिक कमेटी ने छात्रों को पूछताछ के लिए बुलाया है। बुधवार को इनसे पूछताछ की जाएगी। उसके बाद ही आरोपियों के भी बयान दर्ज किए जाएंगे।

मामले की शिकायत आई थी जिसके बाद स्टूडेंट्स को हॉस्टल से सस्पेंड करते हुए क्लासेज में प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। मामले में जांच कमेटी गठित की गई है।

- प्रो। आरएएस कुशवाहा, चीफ प्रॉक्टर, केजीएमयू

जूनियर्स को बुलाकर उनकी रैगिंग करने का मामला सामने आया है। जिसमें प्रॉक्टर की ओर से कमेटी गठित की गई है। रिपोर्ट आने पर आगे कार्रवाई की जाएगी।

- डॉ। सुधीर सिंह, प्रवक्ता, केजीएमयू