छ्वन्रूस्॥श्वष्ठक्कक्त्र : महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में बुधवार रात हुई रैगिंग व मारपीट मामले में कॉलेज प्रशासन की छानबीन जारी है. गुरुवार को आरोपित व भुक्तभोगी छात्रों से घटना की जानकारी लेने के बाद कॉलेज प्रबंधन मामले की सच्चाई जानने को गंभीर हो गया है. इसी के मद्देनजर प्रभारी प्रिंसिपल डॉ. आरके मधान ने शनिवार को विभागाध्यक्षों के साथ रैगिंग सेल की बैठक बुलाई है. कॉलेज प्रबंधन बैठक में घटना की तह तक जाकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्णय ले सकता है.

क्या है मामला

बुधवार की रात करीब दो बजे एमजीएम कॉलेज हॉस्टल में दो छात्रों ने एक छात्र के साथ रैगिंग व मारपीट की थी. इसकी खबर मिलने के बाद भुक्तभोगी छात्र के आधा दर्जन से ज्यादा परिजन हॉस्टल पहुंच गए थे. हालांकि, पुलिस के पहुंच जाने से हो हंगामे तक ही मामला सिमट गया. लेकिन पीडि़त छात्र द्वारा घटना की शिकायत कॉलेज प्रशासन किए जाने व परिजनों द्वारा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करने से मामला तूल पकड़ लिया है.

आखिर हॉस्टल में शराब लाता कौन है?

हॉस्टल में हुई रैगिंग व मारपीट की घटनाएं पर एक प्रत्यक्षदर्शी छात्र ने गंभीर सवाल खड़ा किया है. उन्होंने कहा कि सबसे पहले इस बिंदु पर जांच होनी चाहिए कि हॉस्टल के अंदर शराब कैसे पहुंचती है. एमबीबीएस के छात्र रोजाना हॉस्टल में शराब लेकर आते और पीते हैं. इसके बाद हो-हंगामा की नौबत आती है. बीते बुधवार की घटना भी इसी का एक उदाहरण है.

पहले मुर्गा बनने को कहा फिर धुना

नाम नहीं छापने की शर्त पर उन्होंने कहा कि रात दो बजे 2015 बैच के दो छात्र हॉस्टल में शराब पी रहे थे. उसी दौरान उनलोगों ने 2016 बैच के एक छात्र को बुलाया और पढ़ाई से संबंधित सवाल पूछा. नहीं बताने पर मुर्गा बनने को कहा. इसका विरोध जूनियर छात्र ने किया. इसके बाद सीनियर छात्र ने मारने के लिए चप्पल उठाया और चला दिया. इसके बाद मारपीट शुरू हो गई.