-दून एक्सप्रेस से 10 अगस्त को टकराई थी बोलेरो

VARANASI

दस अगस्त को दून एक्सप्रेस से बच्चों से भरी बोलेरो टकराने की जांच कर रहे रेलवे अधिकारियों ने गेटमैन और वीरापट्टी के सहायक स्टेशन मास्टर को दोषी पाया है. अधिकारियों का कहना है कि यह घटना प्राइवेट नंबरों के लेन-देन में गड़बड़ी बताई जा रही है. बताया जाता है कि डाउन लाइन से मालगाड़ी गुजरने के बाद असिस्टेंट स्टेशन मास्टर ने प्राइवेट नंबर देने में गड़बड़ी की. इसके बाद गेटमैन को जानकारी नहीं मिल सकी और यह घटना घट गयी. हालांकि गेटमैन को मुख्य दोषी बनाया गया है. उधर, उत्तरीय रेल मजदूर यूनियन के शाखा मंत्री विंध्यवासिनी यादव का कहना था कि ग्रामीणों ने बताया था कि इसके पहले भी एक बार गेट खुला रह गया था. इसके बाद भी अधिकारियों ने संज्ञान नहीं लिया. पीडब्ल्यूआई को बराबर चेकिंग करनी चाहिए थी.