-एनईआर निर्भया फंड से स्टेशन व महिला कोच में लगा रहा सीसी कैमरा

- फ‌र्स्ट फेज में 33 स्टेशन पर कैमरे से हो रही निगरानी, जल्द कोचेज में लगेगा सिस्टम

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VARANASI

ट्रेन के महिला कोच में छेड़छाड़ व सीट कब्जा कर जेंट्स के बैठने की शिकायत कोई नयी बात नहीं है. इससे विभिन्न ट्रेन के इन कोचेज में सवार महिलाएं आए दिन दो चार हो रही हैं. पर अब ऐसा नहीं होगा. क्योंकि रेलवे महिलाओं की सुरक्षा को पुख्ता इंतजाम कर रहा है. रेलवे महिलाओं के कोच में सुरक्षित सफर के लिए सीसी कैमरा लगाने जा रहा है. और इन्हें सीधे कंट्रोल रुम से कनेक्ट किया जाएगा. वहीं महिलाओं के हाथ में जर्नी के दौरान पैनिक बटन भी होगा. ऐसे में महिला के मुसीबत में होने पर ट्रेन के ड्राइवर, गार्ड से लेकर सुरक्षाकर्मियों को भी इसकी सूचना मिल जाएगी. खास ये है कि ये सिस्टम रेलवे निर्भया फंड से लगायेगा.

हाई-फाई सिस्टम देगा सुरक्षा

पूर्वोत्तर रेलवे निर्भया फंड से ट्रेन के महिला कोच में सीसी कैमरे लगाना शुरू कर दिया है. सीपीआरओ संजय यादव ने बताया कि महिलाओं के कोच को सीसी कैमरे से कनेक्ट करने की तैयारी है. उन्होंने कहा कि यदि कोई महिला मुसीबत के दौरान पैनिक बटन को दबाती है तो उसकी जानकारी ट्रेन के ड्राइवर, गार्ड और आरपीएफ व जीआरपी जवानों को सीधे मिल जाएगी. जिससे समय रहते महिलाओं को मिल सकेगी.

मोबाइल एप भी करेगा हेल्प

सीपीआरओ संजय यादव के मुताबिक रेलवे की ओर से सिक्योरिटी एप भी तैयार किया जा रहा है. इसके थ्रू महिलाएं और बच्चे रेल यात्रा के दौरान हेल्प प्राप्त कर सकेंगे. इस मोबाइल एप में सिक्योरिटी के कई अन्य जरुरी फीचर भी होंगे. जिसका खुलासा एप के जारी होने के समय किया जाएगा. कुल मिलाकर इससे ट्रेन के महिला कोच में सवार पैसेंजर किसी भी असुरक्षित समय पर इन स्मार्ट तरीकों का उपयोग कर सकेगी.

एक्ट में होगा बदलाव

महिलाओं की सिक्योरिटी को टाइट करने के लिए रेलवे एक्ट में भी जरुरी संशोधन किए जाएंगे. इससे महिलाओं के प्रति अपराध करने वालों को सख्त सजा दिलाई जा सकेगी. साथ ही आरपीएफ में महिला जवानों की संख्या बढ़ाई जाएगी. इसके अलावा ट्रेन में रात के समय महिला आरपीएफ की भी तैनाती होगी. जिससे रात में जर्नी कर रहीं महिला को हेल्प के लिए भटकना न पड़े. वे ट्रेन में ही अपनी प्रॉब्लम को इनके थ्रू सॉल्व कर सकें.

एनईआर के 33 स्टेशंस को इस फंड के तहत सीसी कैमरों से लैस किया जा चुका है. अन्य बचे हुए स्टेशंस व ट्रेंस को भी जल्द ही सीसी कैमरे से जोड़ दिया जाएगा.

संजय यादव, सीपीआरओ

एनईआर जोन