-रेलवे ने यात्रा के दौरान पैसेंजर्स को दी एक और सुविधा, फेमस डिजिटल मैग्जीन मैज्टर से मिलाया हाथ

-चलती ट्रेन में यात्री के मोबाइल पर पांच हजार से भी ज्यादा बेस्ट सेलिंग मैग्जीन और न्यूज पेपर होंगे अवेलेबल

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VARANASI

लंबी जर्नी में पैसेंजर्स का समय बिताना मुश्किल होता है और ट्रेन लेट हो जाए तो एक-एक पल भारी पड़ता है. पर अब ऐसा नहीं होगा. रेलवे ने इसका इंतजाम कर लिया है. सफर के दौरान अब यात्री दुनिया भर की मैगजीन पढ़ सकते हैं. इसके लिए रेलवे ने फेमस डिजिटल मैग्जीन मैज्टर के साथ हाथ मिलाया है. इसके तहत यात्री अपने मोबाइल पर पांच हजार से भी ज्यादा बेस्ट सेलिंग मैगजीन और न्यूज पेपर को विशेष छूट के साथ पलक झपकते पढ़ सकेंगे.

छह से 60 साल तक के लिए

रेलवे की ओर से सफर में प्रोवाइड करायी जाने वाली मैगजीन में सभी वर्ग का ध्यान रखा गया है. जिसमें बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक शामिल हैं. टोटल 40 प्रकार की मैगजीन अवेलेबल होंगी. कॉमिक्स, एजुकेशन, एंटरटेनमेंट, फैशन, फिटनेस, लाइफस्टाइल, धार्मिक, देश दुनिया, राजनीति, साइंस, तकनीक, ऑटोमोबाइल, बिजनेस और यात्रा आदि से संबंधित पत्रिकाएं छह से 60 साल तक के उम्र वालों के लिए उपलब्ध होंगी. यानी कि सभी के पसंद का ध्यान रखा गया है. कोई भी यात्रा के दौरान बोर नहीं होगा.

देश से दुनिया तक की खबर

डिपार्टमेंट ने पैसेंजर्स को यह सुविधा पाने के लिए विभिन्न पैकेज का ऑप्शन दिया है. यदि पैसेंजर एक दिन का पैकेज चाहता है तो 20 रुपये और साल भर के लिए 499 रुपये का पेमेंट करना होगा. यही नहीं सात दिनों का ट्रायल पैक भी उपलब्ध कराया जा रहा है. खास बात यह कि इन पत्र-पत्रिकाओं के उपयोग की कोई सीमा नहीं तय की गई है. पैसेंजर इंडिया के साथ-साथ यूएसए, ब्रिटेन, आस्ट्रेलिया, सिंगापुर, कनाडा और साउथ अफ्रीका आदि देशों की मैगजीन और न्यूज पेपर का भी आनंद ले सकते हैं.

नहीं रहेगा चोरी होने का झंझट

जब ट्रेन के एसी कोच से आएदिन तकिया, बेडशीट व तौलिया गायब हो रहा है तो भला मैगजीन व न्यूज पेपर कैसे बचेगा. इसे देखते हुए रेलवे ने मैगजीन को डिजीटल अबेलेवल कराने का डिसीजन लिया है. ताकि उसके चोरी होने का खतरा कम रहे.

- 40 प्रकार की मैग्जीन होगी उपलब्ध

- 499 में एक साल की होगी सुविधा

- 7 दिनों का मिल रहा ट्रायल पैक

- 6 से 60 साल के लोगों के लिए है प्लान

- कई देशों की मैग्जीन व न्यूज पेपर पढ़ सकते हैं

ये पढ़ सकते हैं मोबाइल पर

- टाइम मैग्जीन

- रीडर डाइजेस्ट

- पीपुल

- नेशनल जीयोग्राफिक

- फेमिना

- अहा जिंदगी

- कॉमिक्स

- वाशिंगटन पोस्ट

- न्यूयार्क टाइम्स

वर्जन----

रेलवे की ओर से पैसेंजर्स अमेनटीज की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है. इसी क्रम में रेलवे ने ये नई कवायद की है.

अश्विनी श्रीवास्तव, सीआरएम