एक्सक्लुसिव न्यूज

- बगैर अनुमति निर्माण रोकने के सुझाव पर रक्षा संपदा की टीम से हुई थी अभद्रता

- इज्जतनगर रेलवे मंडल के डीआरएम ने माना कैंपिंग लैंड पर हुआ अवैध निर्माण

<एक्सक्लुसिव न्यूज

- बगैर अनुमति निर्माण रोकने के सुझाव पर रक्षा संपदा की टीम से हुई थी अभद्रता

- इज्जतनगर रेलवे मंडल के डीआरएम ने माना कैंपिंग लैंड पर हुआ अवैध निर्माण

BAREILLY:

BAREILLY:

इज्जतनगर रेलवे मंडल को भोजीपुरा-लालकुआं रेलवे ट्रैक पर भोजीपुरा से महज ब् सौ मीटर की दूरी पर बिना अनुमति सेना की कैंपिंग लैंड पर अंडरपास बनाना भारी पड़ गया. करीब ब् वर्षो से चल रहा अवैध निर्माण बंद करने की 'जंग' में आखिरकार रेलवे को बैकफुट पर आना पड़ा और रक्षा संपदा विभाग को जमीन हस्तांतरित करनी पड़ी. रेलवे के अधिकारियों ने अब सेना को अंडरपास सौंप दिया है. साथ ही, आगामी वर्षो में जरूरत पड़ने पर बगैर अनुमति के अंडरपास का उपयोग नहीं करने का लिखित आश्वासन दिया है.

जवाब नहीं दिया, की थी अभद्रता

रक्षा मंत्रालय की नैनीताल हाईवे पर भोजीपुरा में लगभग साढ़े छह एकड़ जमीन खाली पड़ी थी. अभिलेखों में यह कैंपिंग लैंड के तौर पर दर्ज थी. जमीन के एक तरफ नैनीताल राजमार्ग तो दूसरी तरफ रेलवे ट्रैक है, जो काठगोदाम-इज्जतनगर को जोड़ता है. इस रेलवे ट्रैक के नीचे से ग्रामीणों का आवागमन था. लास्ट इयर सेना के अधिकारियों ने जमीन का निरीक्षण किया तो अंडरपास पक्का बना मिला. यहां करीब फ्भ् फीट लंबा शेड सेना की भूमि तक बना मिला. रक्षा अधिकारियों ने मौके पर ठेकेदार और रेलवे के इंजीनियर एके सिंह से अपनी जमीन पर बिना अनुमति पक्का निर्माण करने पर आपत्ति जताई और निर्माण रोकने को कहा तो उल्टे रक्षा मंत्रालय की टीम से ही अभद्रता की गई थी.

रेलवे ने माना, है कैंपिंग लैंड

अपनी जमीन वापस लेने के लिए रक्षा संपदा अफसरों ने कवायद शुरू कर दी. रक्षा भूमि पर सरकारी अवैध निर्माण होने पर इज्जतनगर मंडल के डीआरएम को नोटिस जारी कर निर्माण हटाने को कहा, साथ ही पूछा कि कंकरीट की दीवार और शेड का निर्माण किस अधिकार से कराया गया? रक्षा भूमि पर रेलवे द्वारा निर्माण कार्य शुरू करने से पहले रक्षा विभाग या मंत्रालय से अनुमति क्यों नहीं ली? शिकायत गोरखपुर स्थित एनईआर हेडक्वॉर्टर, रक्षा और रेल मंत्रालय को भी भेजी गई. सूत्रों के मुताबिक ट्विटर व पोर्टल से मामले को मंत्रालय तक पहुंचाया गया. रेलवे इंजीनियरिंग विभाग और रेलवे लैंड के प्रकरण देखने वाली शाखा ने जमीन के मालिकाना हक के बारे में जानकारी जुटाई तो इसके आर्मी कैंपिंग लैंड होने का खुलासा हुआ.

रक्षा संपदा की टीम को अभिलेखों की जांच के दौरान भोजीपुरा से कुछ दूर कैंपिंग लैंड पर रेलवे का अंडरपास बना मिला. बगैर अनुमति किया गया निर्माण हटाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी. आखिरकार जमीन रेलवे ने हस्तांतरित कर दी है.

प्रमोद कुमार सिंह, रक्षा संपदा अधिकारी