-निराला नगर में 100 एकड़ जमीन पर हाउसिंग प्रोजेक्ट की तैयारी में रेलवे ऑफिसर्स

- जमीन की फाइल नदारद होने से अटका है मामला, रेलवे भी उपलब्ध नहीं करा पा रहा कागजात

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KANPUR: लंबे समय से उजाड़ पड़े निराला नगर ग्राउंड की 100 एकड़ जमीन पर हाउसिंग प्रोजेक्ट लाने की रेलवे की तैयारियों को जोर का झटका लगा है. इस जमीन की फाइल का अता-पता ही नहीं है. जिसकी वजह से फिलहाल इस जमीन का भू प्रयोग चेंज नहीं हो पा रहा है. जबकि भू प्रयोग आवासीय कराने के लिए रेलवे केडीए में प्रॉसेसिंग फीस जमा कर चुका है.

अभी भू प्रयोग है रेलवे

गोविन्द नगर से बर्रा बाईपास जाने वाली फोरलेन रोड पर निराला नगर स्थित पराग डेयरी से सटी रेलवे की जमीन है. यह टोटल जमीन 100 हेक्टेयर के लगभग है. जूही कलां और अमरामऊ गांव की इस जमीन का भू प्रयोग रेलवे हैं. जो वर्तमान में फिलहाल उजाड़ पड़ा है.

आवासीय करा रहा रेलवे

मौजूदा समय में निराला नगर स्थित इस जमीन का भू प्रयोग रेलवे है. केडीए ऑफिसर्स के मुताबिक इस भू प्रयोग पर रेलवे अपने इम्प्लाइज- ऑफिसर्स के लिए कॉलोनी डेवलप कर सकता है. पर दूसरों के लिए हाउसिंग प्रोजेक्ट नहीं ला सकता है. इसके लिए उसे भू प्रयोग चेंज कराना जरूरी है. इसके बाद ही हाउसिंग प्रोजेक्ट का मैप या ले आउट पास कराने के लिए प्रॉसेज शुरू किया जा सकता है. इस 100 एकड़ जमीन पर करीब 2 हजार तक फ्लैट बनाए जा सकते हैं.

चार महीने से मामला लटका

करीब चार महीने पहले रेलवे महाप्रबन्धक संजय साहू की तरफ जमीन का भू प्रयोग रेलवे से आवासीय में चेंज कराने के लिए केडीए को अप्लीकेशन दी गई. केडीए ने इसके लिए उन्हें प्रॉसेसिंग फीस की जानकारी दी. महाप्रबन्धक की तरफ से 39 हजार रुपए का चेक भी जमा कर दिया गया है. पर अभी तक इस जमीन का भू प्रयोग चेंज नहीं हो सका है. केडीए अधिकारियों के मुताबिक रेलवे ऑफिसर्स जमीन ट्रांसफर के कागजात अभी तक उपलब्ध नहीं करा सके. केडीए में इस जमीन की फाइल का अता-पता नहीं है. केडीए ऑफिसर्स के मुताबिक मामला केडीए के गठन से पूर्व संभवत: नगर महापालिका के समय का है.

'' रेलवे भूमि विकास प्राधिकरण के महाप्रबन्धक ने भू प्रयोग रेलवे से आवासीय कराने के लिए प्रॉसेसिंग फीस जरूर जमा की है. पर भू प्रयोग के जरूरी कागजात अभी तक वे उपलब्ध नहीं करा सके हैं. इसकी वजह से भू प्रयोग परिवर्तन नहीं किया जा सका है.

ज्योति प्रसाद, टाउन प्लानर, केडीए