राष्ट्रीय अधिवेशन में लिया फैसला, देश भर से जुटे हजारों रेल कर्मी

allahabad@inext.co.in

ALLAHABAD: सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के खिलाफ इलाहाबाद में मंगलवार से तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन का आगाज हुआ. आल इंडिया रेलवे फेडरेशन के बैनर तले देशभर से हजारों रेलकर्मी केपी कम्युनिटी सेंटर और मैदान में जुटे. रेल कर्मचारियों ने सातवें वेतन आयोग की विसंगतियों के खिलाफ आंदोलन का बिगुल फूंका. आल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन के महामंत्री शिवगोपाल मिश्र ने सातवें वेतन आयोग पर यूनियनों की मांग पर अभी तक ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स की रिपोर्ट न आने पर दिसंबर बाद पूरे देश में आंदोलन का ऐलान किया.

वर्किंग कमेटी की बैठक

नार्थ सेंट्रल रेलवे मेंस यूनियन (एनसीआरएमयू) की मेजबानी में आयोजित तीन दिवसीय अधिवेशन में पहले दिन दोपहर को वर्किंग कमेटी की बैठक हुई और फिर शाम को आमसभा हुई. एआइआरएफ के महामंत्री शिवगोपाल मिश्रा ने कहा कि सरकार ने सातवां वेतन लागू कर दिया लेकिन उसमें कई खामियां हैं. इन खामियों की सुधार के लिए जून जुलाई में आंदोलन किया था. आंदोलन जब तेज हुआ तो सरकार के मंत्रियों ने वार्ता की. ग्रुप आफ मिनिस्टर्स ने कमियां दूर करने का आश्वासन दिया. तीन मुद्दों पर अलग-अलग समितियां बनाई गई. भत्ते, पेंशन और वेतन विसंगतियों के लिए कमेटियां बनी है. चार महीने का समय मांगा गया था, यह समय पूरा होने को है और रिपोर्ट अब तक नहीं जारी हुई है, इसलिए रिपोर्ट का दिसंबर तक इंतजार किया जाएगा, उसके बाद आंदोलन किया जाएगा.

निजीकरण का लगाया आरोप

एआइआरएफ के अध्यक्ष रखालदास गुप्ता ने कहा कि रेलवे में कर्मचारियों की भारी कमी है. सरकार कर्मचारियों की भर्ती न करके धीरे-धीरे निजीकरण की ओर विभाग को ले जाया जा रहा है, यह उचित नहीं है. उन्होंने कहा कि सरकार औद्योगिक घरानों और पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के बजाय जनता का भी ख्याल रखे. अगर रेलवे में निर्धारित पदों पर भर्ती हो जाय तो हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा. उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं हुआ तो किसानों, कामगारों और आम जनता के साथ मिलकर आंदोलन छेड़ा जाएगा. अधिवेशन में रेलवे बोर्ड के मेंबर आफ स्टाफ प्रदीप कुमार, सीपीओ ओम प्रकाश, डीआरएम एसके पंकज, जीआर भोसेले, कन्हैंया लाल, आरडी यादव, सीएस गांधी, जया अग्रवाल, चंपा वर्मा, क्षमा श्रीवास्तव, रितू मसीह आदि मौजूद रहे.

जुलूस निकाल कर दिखाई ताकत

आम सभा से पहले रेलकर्मियों ने जुलूस निकाला और अपनी ताकत दिखाई. दोपहर करीब तीन बजे रेलवे स्टेशन के सिटी साइड से रैली शुरू हुई. लाल झंडा और बैनर के साथ रेलकर्मियों का लंबा काफिला निकला तो रास्ते में जाम लग गया. करीब दो घंटे में यह काफिला केपी ग्राउंड पहुंचा. शाम पांच बजे से केपी ग्राउंड में आम सभा शुरू हुई जो रात तक चली.

दस ट्रेनों से पहुंचे रेल कर्मी

राष्ट्रीय अधिवेशन में शामिल होने के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से दस स्पेशल ट्रेनों से कर्मचारी आए हैं. यह ट्रेनें रामबाग, झूंसी, प्रयागघाट, सुबेदारगंज में खड़ी की है. इसके अलावा नियमित ट्रेनों के 30 अतिरिक्त कोच में सवार होकर रेलकर्मी आए हैं.