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JAMSHEDPUR: टाटानगर रेलवे स्टेशन में बने रेलवे क्वार्टर वेंडरों के गोदाम बन गए हैं. इन क्वार्टरों में वेंडर पानी, चिप्स, फल, बोरे और अन्य स्टोर करने वाले सामान रख रहे हैं. ताजुब की बात यह है कि टाटानगर रेलवे स्टेशन पर चल रहे इस गोरखधंधे पर अधिकारी कोई कार्रवाई भी नहीं कर रहे हैं.

ऐसे होता है खेल

रेलवे क्वार्टर से किसी भी कर्मचारी का ट्रांसफर होने या रिटायर्ड होने पर क्वार्टर खाली हो जाता है. स्टेशन पर कार्यरत वेंडर कर्मचारियों के साथ सेंटिंग कर क्वार्टर की चाबी ले लेते हैं और इसके बदले में कर्मचारियों की जेब भी गर्म की जाती है. लोगों की निगाह में यह राज नहीं खुले इसके लिए क्वार्टर के सामने की तरफ का ताला बंद ही रहता है. वहीं वेंडर पीछे के रास्ते से क्वार्टर में सामान रखते और निकालते हैं. इससे किसी को क्वार्टर के इस्तेमाल होने की भनक भी नहीं लगती है. टाटा नगर रेलवे स्टेशन में यह गोरखधंधा जीआरपी की नजरों के सामने हो रहा है. सब जानते हुए भी विभाग मौन है.

हो रही बचत

सरकारी क्वाटर में समान रखने से वेंडरों को किराए पर गोदाम नहीं लेना पड़ रहा है. इससे उन्हें हर महीने हजारों रुपए की बचत हो रही है. वहीं क्वार्टर में सामान होने से उन्हें दूर से नहीं लाना पड़ रहा है, जिससे उनका एक्स्ट्रा खर्च भी बच रहा है.

वेंडरों के हौसले बुलंद

जीआरपी और रेलवे कर्मचारियों के साथ मिलीभगत कर सरकारी क्वार्टरों का उपयोग करने वाले वेंडरों के हौसले बुलंद हैं. इससे सरकारी क्वाटरों में गोदाम बनाने वाले वेंडरों की संख्या बढ़ती जा रही है. स्टेशन में एक दर्जन से ज्यादा वेंडरों ने सरकारी क्वाटरों को गोदाम बना रखा है.

स्टेशन परिसर में बने फैमिली क्वार्टर पर वेंडरों का सामान भरे होने की कोई सूचना नहीं है. अगर सरकारी क्वाटर पर वेंडरों का सामान रखा जा रहा है, तो यह गलत है. इसकी जांच कराकर ऐसा करने वाले वेंडरों और उनकी सहायता करने वाले रेलवे कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी.

-प्रदीप बालमूचु, स्टेशन अधीक्षक, टाटा नगर रेलवे स्टेशन जमशेदपुर