खुद को आइएएस अफसर बताकर घुसा था रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ के चेयरमैन दफ्तर में

गृह जनपद जौनपुर व वाराणसी से भी पुलिस ने मांगा संदिग्ध की डिटेल

PRAYAGRAJ: रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ के चेयरमैन विवेक प्रकाश के दफ्तर में फर्जी आइएएस अफसर बनकर घुसे प्रमोद कुमार सिंह उर्फ पीके से पुलिस ने शनिवार करीब दो घंटे तक पूछताछ की। सिविल लाइंस थाने पहुंची उसकी पत्‍‌नी से भी पुलिस ने जानकारी जुटाई। पुलिस को रेलवे ग्रुप-डी भर्ती को लेकर प्रमोद की हरकत संदिग्ध लग रही है। पूछताछ में वह कई बार बयान बदल चुका है। यह देखते हुए पुलिस वाराणसी व जौनपुर में भी उसके बारे में जांच करा रही है। देर रात तक मामले में रिपोर्ट नहीं दर्ज हो सकी थी।

उसे हाइपर बता रहे हैं परिजन

वाराणसी स्थित अहरौली थाना क्षेत्र के आयर गांव निवासी प्रमोद कुमार सिंह को शुक्रवार सुबह रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ (आरआरसी) के चेयरमैन विवेक प्रकाश के दफ्तर से पुलिस ने हिरासत में लिया था। वह खुद को आइएएस अफसर बताकर प्रमोद चेयरमैन से मिलने पहुंचा था। बताते हैं कि वह रेलवे गु्रप-डी भर्ती को लेकर चेयरमैन को धौंस देने, सेटिंग करने की कोशिश किया था। शक होने पर चेयरमैन ने ही पुलिस को बुलाकर उसे पकड़वाया था। शनिवार को कई घंटे पुलिस ने प्रमोद सिंह पुत्र राम सिंह से पूछताछ किया। बयान के दौरान वह पुलिस को घुमाता रहा। पुलिस के मुताबिक शनिवार सुबह थाने पहुंची प्रमोद की पत्‍‌नी उर्मिला सिंह व अन्य परिजन भी उसके बारे में छानबीन की गई। पत्‍‌नी ने पुलिस को बताया कि अचानक प्रमोद हाईपर हो जाता है। उसका दिमागी संतुलन ठीक नहीं रहता, इसका इलाज चल रहा है।

पुलिस बयान से संतुष्ट नहीं

पुलिस प्रमोद व उसके पत्‍‌नी और परिजनों के तर्क से संतुष्ट नहीं है। पुलिस के मुताबिक प्रमोद परिवार के साथ वाराणसी में रहता है, पर उसका मूल निवास जौनपुर के बलरामपुर चंदौर है। ऐसे में पुलिस ने वाराणसी के साथ जौनपुर पुलिस से भी उसकी डिटेल खंगालने में जुटी है। वह खुद को कभी साफ्टवेयर इंजीनियर तो कभी स्कूल का प्रबंधक भी बता रहा है।

प्रमोद बार बार बयान बदल रहा है और परिवार उसे मानसिक बीमार बता रहा है। उसकी गतिविधियां संदिग्ध लग रही हैं। रेलवे भर्ती को लेकर वह चेयरमैन से अजीब बातें कर रहा था। वाराणसी व जौनपुर से भी उसकी डिटेल मंगाई गई है। शक है कि भर्ती के संबंध में वह कोई खेल करने की तैयारी में था। जांच के बाद मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

बृज नारायण सिंह,

सीओ सिविल लाइंस

उस शख्स ने अपनी पहचान छिपाई। उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगने पर पुलिस को बुलाया गया। थाने में शिकायती पत्र भिजवा दिया गया है।

विवेक प्रकाश, चेयरमैन आरआरसी