- अचानक पश्चिम बंगाल से उठने वाले मानसून ने पकड़ी रफ्तार

मेरठ: एक दिन विलंब से मानसून ने जनपद समेत एनसीआर क्षेत्र में पदार्पण कर दिया है. रविवार को सुबह हल्की बूंदाबांदी के रूप में मानसून की पहली बारिश हुई. घने बादलों की चादर छाने से मौसम खिला खिला नजर आने लगा. आने वाले तीन चार दिनों तक लगातार झमाझम बारिश के संकेत हैं.

एक दिन की देरी

तीन दिन पहले बिहार में अटका मानसून कुलांचे मारता हुआ पूर्वी उत्तर प्रदेश के रास्ते पश्चिम उत्तर प्रदेश और समूचे एनसीआर में पहुंच गया है. अमूमन पूर्वी और पश्चिम उत्तर प्रदेश में मानसून को पहुंचने में चार पांच दिन का समय लगता है. एक जुलाई मेरठ में मानसून के आने की तिथि मानी जाती है. लेकिन दो जुलाई को मानसून मेरठ पहुंचा है. अल नीनो के निष्क्रिय होने और वैश्रि्वक स्तर पर हुए वातावरण बदलावों के आधार पर मौसम वैज्ञानिकों ने इस बार मानसून सीजन में ठीक ठाक बारिश की संभावना जताई है.

सुबह से बादलों का डेरा

जनपद में पिछले तीन चार दिनों से बारिश हो रही है. रविवार को सुबह भी जगह जगह बारिश हुई. दोपहर में धूप निकलने से कुछ देर तक गर्मी की चुभन महसूस हुई लेकिन जल्द फिर बादलों ने मौसम को आगोश में ले लिया. पारा लुढ़क कर 29.7 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया. छुट्टी के दिन लोग सुहाने मौसम में घूमने निकले. बाजारों और पार्को में खासी चहल पहल रही.

बंगाल की खाड़ी से उठने वाला मानसून तीव्रता के साथ बढ़ता हुआ मेरठ और एनसीआर में पहुंच गया है. छह जुलाई तक घने बादल छाए रहने और गरज-चमक के साथ बारिश के झोंके जारी रहने की संभावना है.

-डॉ. एन सुभाष

कृषि प्रणाली संस्थान के मौसम वैज्ञानिक