नरौरा, टिहरी और गंगा बैराज से छोड़ा गया पानी पहुंचा प्रयाग

संगम पर कमर के ऊपर तक हुआ पानी का स्तर

balaji.kesharwani@inext.co.in

PRAYAGRAJ: शाही स्नान से ठीक पहले गंगा में पानी का जलस्तर इतना बढ़ गया कि थोड़ा सा भी रिस्क लेना खतरा बन सकता है. संगम के पास जलस्तर कमर के पास तक पहुंच गया है. इसके चलते यहां अलग बैरिकेडिंग कर दी गयी है ताकि श्रद्धालु इससे आगे न जा सकें. घाटों के किनारे भी यही हाल है. गंगा के जलस्तर में कोई कमी न रहे, इसके लिए टिहरी, नरौरा व गंगा बैराज से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है.

पिछले कुंभ में घुटने तक ही था पानी

पिछले कुंभ में प्रथम शाही स्नान के दौरान घुटने तक ही पानी था. इस बार कमर के ऊपर तक पानी का लेवल पहुंच गया है. केंद्र सरकार ने इस बार साधू संतों के साथ ही कुंभ के आस्था का केंद्र रही मां गंगा के जल को निर्मल व अविरल बनाने का विशेष ध्यान रखा है.

सितंबर में ही शुरू हो गया था ट्रायल

12 जनवरी से गंगा बैराज से सात हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है. अधिकारियों के अनुसार कुंभ के दौरान गंगा में पानी की कमी को पूरा करने के लिए काफी पहले से ट्रायल शुरू हो गया था. अक्टूबर में टिहरी डैम से 50 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था ताकि पता चल सके कि पानी की कमी को पूरा करने के लिए कितने दिन का समय लगेगा. कुंभ के लिए गंगा बैराज में भी करीब एक लाख क्यूसेक पानी स्टोर कर लिया गया है. इससे दो महीने के स्नान पर्व के दौरान प्रयाग में पानी की कमी नहीं होगी

77

मीटर पहुंच गया है प्रयागराज में गंगा का जलस्तर

5000

क्यूसेक पानी 25 दिसंबर से नरौरा बैराज से लगातार छोड़ा जा रहा है

2000

क्यूसेक पानी टिहरी बांध से छोड़ा जा रहा है लगातार

7000

क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है हरिद्वार से

15

दिसंबर से शुरू हो गया था गंगा में पानी छोड़ने का सिलसिला जो अभी भी जारी है

1.25

लाख क्यूसेक पानी बारिश के दौरान प्रति दिन गंगा बैराज से छोड़ा गया पानी

25,000

क्यूसेक पानी 1 से 15 अक्टूबर तक प्रति दिन छोड़ा गया

20,000

क्यूसेक पानी 16 से 30 अक्टूबर तक बैराज से छोड़ा गया

7000

क्यूसेक पानी अब प्रति दिन छोड़ा जा रहा है

कुंभ के दौरान गंगा के जलस्तर में कमी न हो इसकी तैयारी कई महीने पहले ही शुरू हो गई थी. इसलिए इस बार प्रथम शाही स्नान पर वाटर लेवल काफी बेहतर है. आगे भी जलस्तर बरकरार रहेगा. टिहरी, नरौरा और गंगा बैराज से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है.

मनोज सिंह

ईएक्सईएन, सिंचाई बाढ़ प्रखंड