जयपुर (पीटीआई)। राजस्थान गवरमेंट ने बुधवार को दिसंबर 2017 में लागू किए गए एक सर्कुलर को बदलने के निर्देश दिए हैं। राजस्थान में पिछली सरकार ने ये निर्देश जारी किया था कि सभी विभागों, बोर्डों, निगमों और स्वशासी संगठनों को अपने लेटरपैड पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय की तस्वीर बतौर लोगो लगानी ही है। वहीं राजस्थान के नए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पिछले हफ्ते हुई अपनी पहली कैबिनेट मीटिंग में इस फैसले को बदलते हुए ये निर्णय लिया कि सरकारी लेटर पैड्स से दीनदयाल की तस्वीर हटाई जाएगी। इस काम को तत्काल प्रभाव से बुधवार से ही लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।

कैबिनेट ने लिया डिसीजन

एडिशनल चीफ सेकरेट्री रवि शंकर श्रीवास्तव ने जानकारी देते हुए कहा, 'कैबिनेट ने ये निर्णय लिया है कि दीनदयाल उपाध्याय की तस्वीर लेटर पैड्स से हटाई जानी है।' कैबिनेट के इस फैसले का पालन हो सके इसलिए उन्होंने 11 दिसंबर, 2017 को लागू हुए पुराने फैसले को वापस लिया। मालूम हो वसुंधरा राजे के नेतृत्व वाली पिछली सरकार ने उपाध्याय के साथ-साथ लेटर पैड पर एक आरएसएस विचारक और एक सह संस्थापक के चित्र को शामिल करने के निर्देश जारी किए थे। गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज करने के बाद कांग्रेस की ओर से हाल ही में अशोक गहलोत ने राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। वे तीसरी बार राजस्थान के मुख्यमंत्री बनने वाले चौथे नेता हैं।

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