- मार्केट में नहीं होती है सफाई, पब्लिक को होती है परेशानी

- जाम से बेहाल हैं व्यापारी, अतिक्रमण के खिलाफ नहीं चल पा रहा है अभियान

GORAKHPUR: शहर के राजेन्द्र नगर स्थित दुकानों के व्यापारियों को मामूली सुविधाएं तक हासिल नहीं हैं. अतिक्रमण, जाम, असुरक्षा और खराब सड़कों के साथ व्यापारियों को काम करना पड़ रहा है. अव्यवस्थाओं के बीच व्यापारियों की समस्या पर जिम्मेदारों का ध्यान नहीं जाता है. सूचना देने पर भी अपेक्षित कार्रवाई नहीं होती है. व्यापारियों को असुरक्षा के बीच व्यवसाय देखना पड़ रहा है. मार्केट में आधा दर्जन से अधिक की घटनाएं होने के बाद भी अभी तक कोई अपराधी पकड़ा नहीं जा सका है. मार्केट में आवारा जानवरों की बढ़ती संख्या से भी व्यापारियों में खौफ था. आवारा पशुओं के कारण अक्सर लोग घायल होते रहते हैं. शाम को मार्केट में अक्सर पशु राहगीरों को नुकसान पहुंचा देते हैं. व्यापारियों ने बताया कि शाम को सड़क पर अतिक्रमणकारियों के कारण रास्ता जाम हो जाता है. मेन सड़क पर मार्केट लगने के कारण जाम व पशुओं के हमले की घटनाएं बढ़ जाती हैं.

आठ चोरी, किसी का खुलासा नहीं

खुला मार्केट होने के कारण राजेन्द्र नगर में रात के समय अराजकतत्व सक्रिय हो जाते हैं. पिछले एक साल में आठ चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें से किसी एक का भी खुलासा नहीं हो सका है. व्यापारियों ने बताया की पुलिस अपेक्षाकृत सहयोग नहीं करती है जिसके कारण घटना हो जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होती है. ज्वेलर्स शॉप सहित बड़ी दुकानों पर तो कई बार ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, पुलिस के पास जाने पर उल्टे व्यापारियों को कहीं दौड़ लगानी पड़ती है. साथ ही पुलिसकर्मियों द्वारा पर्याप्त सतर्कता नहीं बरतने पर अपराधिक घटनाओं में इजाफा हो रहा है.

अतिक्रमण से लग रहा जाम

राजेन्द्र नगर की मेन सड़क पर एक किमी की दूरी तक रेहड़ी-खोमचे वाले अस्थाई मार्केट लगा लेते हैं. सब्जी, फल, किराना प्रोडक्ट सहित तमाम फास्ट फूड स्टॉल लगे रहते हैं. खरीदारों की भारी भीड़ के कारण पूरी सड़क जाम हो जाती है. लगातार लगने वाले जाम से राहगीर ही नहीं स्थानीय लोगों की भी समस्याएं बढ़ जाती हैं. व्यापारियों ने बताया की सड़क पर हरी सब्जियां बिकती हैं, जिसे देखकर आवारा पशु मार्केट में चले आते हैं और दुर्घटनाएं बढ़ने लगती हैं.

व्यापारियों के सुझाव

- मार्केट की सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त कराया जाए.

- आवारा पशुओं पर लगाम लगाई जाए.

- पार्किग की पर्याप्त व्यवस्था की जाए.

- अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाकर मुक्ति दिलाई जाए.

- टूटी सड़कों की मरम्मत की जाए.

कोट्स

सार्वजनिक शौचालय व पेयजल की व्यवस्था होनी चाहिए. लेडीज कस्टमर्स के आने पर काफी परेशानी होती है.

- कृष्णा चौहान, बिजनेसमैन

चोरी की बड़ी घटनाएं होने के बाद भी अभी तक किसी आरोपित को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है. पुलिस व्यापारियों को अपेक्षित सहयोग नहीं करती है.

- गुलमोहर सर्राफ, बिजनेसमैन

रात में मार्केट में अराजक तत्व सक्रिय हो जाते हैं. सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर कर आपराधिक घटनाओं पर लगाम लगाई जा सकती है.

- राजीव श्रीवास्तव, बिजनेसमैन

मार्केट की सड़क पर रेहड़ी-खोमचे वालों का अतिक्रमण रहता है. कई बार शिकायत के बाद भी ठोस कार्रवाई नहीं हो पा रही है, जिससे व्यापारी परेशान हैं.

- उमेश शर्मा, बिजनेसमैन

मार्केट की सड़कें खराब हो रही हैं. वृंदावन वाली सड़क बेहद खराब हो चुकी है. उसे जल्द दुरुस्त कराया जाना चाहिए.

- शिवशंकर मिश्रा, बिजनेसमैन

मार्केट में हजारों की संख्या में लोग आते हैं. आवारा पुशओं के कारण कई लोग घायल हो चुके हैं. इन पर लगाम लगाने की जरूरत है.

- नितिन सोनकर, बिजनेसमैन

बरसात के दिनों में पूरे मार्केट में पानी लग जाता है. पिछली बरसात में दुकानों में एक फीट तक पानी लगा था जिससे 2.5 करोड़ रुपए तक का नुकसान हो गया था.

- रमाशंकर गुप्ता, बिजनेसमैन