'Kabali' (Tamil)
U; Action-drama
Director: Pa. Ranjith
Cast: Rajinikanth, Winston Chao, Radhika Apte, Dhansika, John Vijay
movie review: कबाली माने रजनीकांत के गर्दा इसटाइल,फिलिम में बाकी सब भुरकुस

 


जब मलेशिया में तमिल डॉन 'कबाली' के गर्दा मचेला
फिलिम में रजनीकांत तमिल डॉन 'कबाली' के रोल में बाड़न। मलेशिया के जेल से 25 साल बाद उ छूट के बाहर आवेलन। एतना साल में कुआलालंपुर शहर में सबकुछ बदल गईल बा। उ सब दोकान जहां लोग के उधारी चलत रहे, लोग दिन-दिन भर बइठइ के बतकही छानत रहे, उहां आकास से बात करत मनहूस ऊंच-ऊंच बेलिडंग खड़ा हो गईल। शहर के गली-गली में नशा के कारबार शुरू हो गईल, लोग गजेंड़ी-नशेड़ी हो गईल। जवन लोग कबाली के जेल भेजवइले रहे इ सब उनकरे लोग के करल धरल बा। कबाली जब 25 साल बाद बहरी आईल बाड़न त सब पहिले जइसन हो जाई...? अब जब रजनीकांत के फिलिम ह त आगे का बतावल जाव। आगे के किस्‍सा त एगो दुधमुंहा लइको बता दीही। ...आ जेकरा आगे के कहानी जाने खातिर एतना अगियाबेताल भइल बाड़न त उ सिनेमा हॉल जाओ ना मर्दे। कुछ ना मिली त रजनीकांत के गर्दा इसटाइल त देखेके मिलबे करी।

हो सकत रहे लल्‍लनटॉप, अबहीं त एकदमे खतम बा
जेकरा एक डाइलॉग पर सिनेमा हॉल में गर्दा मच जात होखे, जेकर नामे से टिकट फाट के बॉक्‍स ऑफिस पर आंधी-तूफान हो जाए, ओइसन लल्‍लनटॉप हीरो रजनीकांत के सामने फिलिम के स्क्रिप्‍ट एकदम खतम बा। तनिको दिमागदार आदमी होई नूं त इ कहानी देखकर आपन माथा धुन लीही। कुल मिलाके इ फिलिम में कुछो बा त रजनीकांत के गर्दा इसटाइल। उनकर रंगबाजी। सिनेमा के पर्दा पर जब उ आवेलन तक कहानी, स्क्रिप्‍ट, डाइलॉग, गीत-संगीत सब एक ओर आ रजनीकांत के रंगबाजी एक तरफ। ई कहल जा सकेला कि कबाली माने रजनीकांत। फिलिम रजनीकांत से शुरू होला आ उनकरे पर खतम हो जाला। माने पइसा वसूल एक्टिंग। जादा कुछ समझे के कोशिश में दिमाग मथा के दही हो सकेला। फिलिम के संगीत संतोष नारायण के बा। इ एतना बोजोड़ बा कि स्क्रिप्‍ट के साथ एकर कवनो जोड़ नईखे। गीत के बोल एतना दमदार बा कि स्क्रिप्‍ट ओकरा सामने एकदम खतम बुझाला।

आपन छाप छोड़े में कामयाब रहली राधिका आप्‍टे
राधिका आप्‍टे इ फिलिम में कबाली के मेहरारू कुमुदवल्‍ली बनल बाड़ी। जेल से छूटे के बाद कबाली उनके खोजे में लाग गइलन। दुनिया जानत रहे कि उ मर गईली लेकिन उनका भरोसा रहे कि कुमुदवल्‍ली जिंदा बाड़ी। उ उनका के खोजियो लेवेलन। राधिका सहित बाकी कलाकार लोग के रोल बहुत कम टाइम के बा लेकिन राधिका आपन छाप छोड़े में कामयाब हो गईली। फिलिम में गर्दा डॉन कबाली के सामने विलेन बाड़न विंस्‍टन चाओ। ई चीन के रहे वाला हवन। इहे कबाली के जेल भेजवइले रहन। रउवा सबे समझते होखम कि कबाली के जेल से छुटला पर केकरा सबसे ज्‍यादा परेशान भइल होखी। जवनो होखे। कबाली सिनेमा हॉल के भीतर-बाहर सब जगह गर्दा मचवले बाड़न...

नोट : यह रिव्‍यू भोजपुरी में अनुवादित है। अंग्रेजी में मूल रिव्‍यू यहां पढ़ें Kabali movie review

Translation by : Satyendra Kumar Singh
Teeet @satyendra1857
Review by : Krishnakumar Padmanabhan

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