- अरुण जेटली समेत सभी आठों प्रत्याशियों ने भरा पर्चा

- अंतिम समय में तीन अन्य नेताओं ने भी किया नामांकन

- अनिल अग्रवाल, विद्यासागर सोनकर और सलिल विश्नोई

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LUCKNOW :

भारतीय जनता पार्टी ने राज्यसभा चुनाव के लिए 11 प्रत्याशियों का नामांकन कराकर विपक्ष के खेमे में खलबली मचा दी. पार्टी द्वारा घोषित आठ प्रत्याशियों के अलावा सोमवार को नामांकन के दौरान तीन अन्य पार्टी नेताओं ने भी पर्चा खरीदकर नामांकन कर दिया. इनमें अनिल अग्रवाल, विद्यासागर सोनकर और सलिल विश्नोई शामिल हैं. पार्टी सूत्रों की मानें तो यह कवायद किसी प्रत्याशी का पर्चा खारिज होने को ध्यान में रखकर की गयी है, लेकिन सोमवार को नामांकन के बाद सपा के राष्ट्रीय महासचिव नरेश अग्रवाल के भाजपा में शामिल होने से इसे चुनाव में बड़े उलटफेर से जोड़कर देखा जाने लगा है.

13 लोगों ने किया नामांकन

सोमवार को विधानभवन के टंडन हॉल में कुल 13 प्रत्याशियों ने नामांकन किया. इनमें भाजपा की ओर से केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली, अशोक बाजपेई, विजय पाल सिंह तोमर, सकलदीप राजभर, कांता कर्दम, अनिल जैन, जीवीएल नरसिम्हाराव व हरनाथ सिंह यादव के अलावा जनसंघ के महेश शर्मा शामिल हैं. वहीं बसपा-सपा के संयुक्त प्रत्याशी भीमराव अंबेडकर ने एक और पर्चा दाखिल कर दिया. इस दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पांडे, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, मंत्री सतीश महाना समेत भाजपा के तमाम दिग्गज नेता मौजूद थे. भाजपा की ओर से सबसे पहले अरुण जेटली ने नामांकन किया. इसके बाद बारी-बारी से बाकियों ने अपना पर्चा दाखिल किया. ध्यान रहे कि इससे पहले बसपा-सपा के संयुक्त प्रत्याशी के रूप में भीमराव अंबेडकर ने नामांकन दाखिल किया था, जबकि सपा की ओर से जया बच्चन ने अपनी दावेदारी पेश की है.

निर्विरोध चुनाव की संभावना खत्म

भाजपा के इस पैतरे से अब राज्यसभा चुनाव के निर्विरोध होने की संभावना भी खत्म हो गयी है. दरअसल भाजपा द्वारा आठ प्रत्याशियों के नाम घोषित किए जाने से सपा और बसपा की जीत की राह आसान मानी जा रही थी. भाजपा ने नौवीं सीट के लिए गाजियाबाद में शिक्षा जगत से जुड़े अनिल अग्रवाल को प्रत्याशी बनाकर विपक्ष के खेमे में खलबली मचा दी. इसके बाद जौनपुर निवासी पूर्व सांसद विद्यासागर सोनकर और कानपुर निवासी पूर्व विधायक सलिल विश्नोई ने भी पर्चा दाखिल कर दिया. इससे यह भी साफ हो चुका है कि अब नौवीं सीट जीतने के लिए विपक्ष को भाजपा से कड़ा मुकाबला करना होगा. अब सबकी नजरें 23 मार्च को होने वाले मतदान पर है, जिसमें कोई बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिले तो हैरत की बात नहीं होगी.

भाजपा के 11 उम्मीदवारों के अलावा सपा से जया बच्चन और बसपा से भीमराव अंबेडकर पहले ही नामांकन पत्र दाखिल कर चुके हैं. सभी नामांकन पत्रों की जांच मंगलवार को होगी. आगामी 15 मार्च तक नामांकन वापस लिये जा सकते है. वहीं 23 मार्च को मतदान होना है.

प्रदीप कुमार दुबे

प्रमुख सचिव विधानसभा एवं चुनाव अधिकारी

अनिल अग्रवाल शैक्षणिक उत्थान के लिए भाजपा के नौवें प्रत्याशी बनाए गए हैं. हमारे पास विधायकों के28 अतिरिक्त वोट हैं. अगर हम विपक्ष को देखें तो कम संख्या के बावजूद वह मैदान में आ सकते हैं तो हमारा प्रत्याशी क्यों नहीं हो सकता. जो विधायक प्रदेश की तरक्की और बेहतरी चाहते हैं, वे अनिल अग्रवाल को अपना मत देंगे.

डॉ. महेंद्र नाथ पांडे

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष