-रमजान के मुकद्दस माह का दूसरा अशरा सोलह मई से होगा शुरू

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PRAYAGRAJ: रमजान का मुकद्दस महीना सात मई को शुरू हो गया था तो अल्लाह की इबादत में आठ मई को पहला रोजेदारों ने पहला रोजा रखा था। इसके साथ ही पहला अशरा भी शुरू हुआ। जहां पहले अशरे में रहमत के लिए ज्यादा से ज्यादा अल्लाह की इबादत की जा रही है। वहीं दूसरे अशरे में रोजेदार द्वारा अपने गुनाहों से माफी मांगने का दौर शुरू हो जाएगा। यह सोलह मई से लेकर 25 मई तक चलेगा। सुन्नी समुदाय के शहर काजी मुफ्ती शफीक अहमद शरीफी ने बताया कि इस्लामिक मान्यता के अनुसार अगर कोई इंसान रमजान के दूसरे अशरे में अपने गुनाहों से माफी मांगता है तो अल्लाह अपने बंदों को जल्दी माफ करते हैं।

दस-दस दिनों का होता है अशरा

इस्लाम के अनुसार पूरे रमजान को तीन हिस्सों में बांटा गया है। इसमें 30 या 29 दिनों तक रोजा रखा जाता है। दरगाह मौला अली प्रबंध कमेटी के प्रबंधक सैय्यद अजादार हुसैन ने बताया कि रमजान के शुरुआती दस दिनों में रोजा-नमाज करने वालों पर अल्लाह की रहमत होती है। दूसरा अशरा मगफिरत का होता है जहां रोजेदार अपने गुनाहों से माफी मांगते हैं। तीसरा अशरा सबसे महत्वपूर्ण होता है। इस अशरे में हर मुसलमान जहन्नुम से बचने के लिए दुआएं करते हैं।