- पेशी के बाद होटल में शराब पार्टी के दौरान नशे में हो गए सिपाही, मुजरिम चकमा देकर भागा

- भावनपुर के स्याल गांव में साल 2005 में हुई हत्या के मामले में हो चुकी है उम्रकैद

- मेडिकल में जानलेवा हमले के मामले में फरुखाबाद पुलिस लेकर आई थी पेशी पर

Meerut,: फरुखाबाद की फतेहगढ़ सेंट्रल जेल से पेशी पर आया आजीवन कारावास का मुजरिम नशे में धुत पुलिसकर्मियों को चकमा देकर सिटी स्टेशन से फरार हो गया. हथकड़ी समेत मुजरिम के फरार होने की सूचना से जीआरपी के होश उड़ गए.

क्या है मामला

भावनपुर पुलिस के मुताबिक स्याल गांव के सतीश ने साल 2005 में गांव के कुलदीप की हत्या कर दी थी. इसके अलावा उस पर जानलेवा हमले समेत लूट के कई मामले दर्ज थे. सतीश को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. कोर्ट ने उसे हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. इसके बाद उसे मेरठ जेल से फरुखाबाद की फतेहगढ़ सेंट्रल जेल भेजा गया था.

करने लगे पार्टी

मेडिकल थाने के एक जानलेवा हमले के एक मामले में उसकी यहां एडीजे कोर्ट में सुनवाई चल रही है. मंगलवार को उसकी पेशी के चलते फरुखाबाद पुलिस लाइन से हेडकांस्टेबल राम सिंह, कांस्टेबल राजेश और शशिकांत उसे मेरठ लाए थे. पेशी के बाद शाम को वे उसे लेकर संगम एक्सप्रेस ट्रेन पकड़ने के लिए स्टेशन को निकले. रास्ते में किसी होटल में पुलिस वाले उसके साथ पार्टी करने लगे.

भीड़ में हुआ फरार

यहां से वे उसे लेकर स्टेशन पहुंचकर ट्रेन में बैठ गए. शराब का नशा होने के चलते दोनों सिपाही लेट गए. इस बीच सतीश स्याल ने हेड कांस्टेबल राम सिंह से कुछ सामान खरीदने के लिए कहा तो वो उसे लेकर ट्रेन से नीचे आने लगा. रामसिंह नीचे उतरता इससे पहले ही सतीश उससे हाथ छुड़ाकर भाग निकला. हथकड़ी उसने अंगौछे से छिपा ली.

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रामसिंह के हलक से जब तक चीख निकली तब तक सतीश भीड़ का फायदा उठाते हुए फरार हो गया. राम सिंह ने इसकी सूचना जीआरपी को दी तो हड़कंप मच गया. सतीश की तलाश की गई लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला. वहीं, जीआरपी एसओ विनय कुमार ने इस घटना को सीमा विवाद में उलझा दिया. देर रात तक वे कहते रहे कि घटना स्टेशन के बाहर रेलवे रोड थाने में हुई है. इस बारे में रेलवे रोड इंस्पेक्टर का जनक सिंह पुंडीर ने बताया कि घटना जीआरपी थाना क्षेत्र की है, मुकदमा वहीं दर्ज होगा.